किच्छा के मजदूरों ने शोषण, उत्पीड़न के विरोध में 16 अगस्त 2021 से फैक्ट्री परिसर के बाहर बेमियादी धरना, प्रदर्शन शुरू किया था। श्रमिकों ने आरोप लगाया कि प्रबंधक और प्रशासन ने मजदूरों के विवादों को नहीं सुलझाया। इस कारण मजदूरों का शोषण, उत्पीड़न किया जा रहा है।
इंटरार्क में चल रहे आंदोलन को रविवार को 400 दिन पूरे हो गए हैं। इन10 मजदूरों और महिलाओं ने एक दिनी भूख हड़ताल की। श्रमिकों ने बताया कि चार अक्तूबर को प्रस्तावित मजदूर-किसान महापंचायत की भी तैयारी चल रही है।
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इंटरार्क मजदूर संगठन ऊधम सिंह नगर और इंटरार्क मजदूर संगठन किच्छा के मजदूरों ने शोषण, उत्पीड़न के विरोध में 16 अगस्त 2021 से फैक्ट्री परिसर के बाहर बेमियादी धरना, प्रदर्शन शुरू किया था। श्रमिकों ने आरोप लगाया कि प्रबंधक और प्रशासन ने मजदूरों के विवादों को नहीं सुलझाया। इस कारण मजदूरों का शोषण, उत्पीड़न किया जा रहा है। इसी कारण आंदोलन को तोड़ने के लिए मजदूर नेताओं एवं यूनियन के सदस्यों पर झूठे मुकदमे लगाए जा रहे हैं।
धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने बताया गया कि चार अक्तूबर को इसी धरना स्थल पर प्रस्तावित मजदूर-किसान पंचायत में राष्ट्रीय स्तर के कई किसान नेताओं समेत किसान, मजदूर संगठनों से जुड़े लोग भी आएंगे। हड़ताल में संगीता, गीता, सुब्रत विश्वास, वीर सिंह, संजीव कुमार, राकेश कुमार, संजय प्रजापति, जीत लाल, वेदप्रकाश, मनोज कुमार आदि थे।