अरहर की दाल सस्ती होने पर बाजार में 115 रुपये किलो बिक रही है लेकिन बाजार से तीन किलोमीटर दूर देवलचौड़ पर यही अरहर की दाल अब भी 160 रुपये किलो बिक रही है।
जबकि महर्षि स्कूल के आसपास क्षेत्र में तो कुछ दुकानदार दो कदम आगे हैं तथा अरहर की दाल आज भी 160 से 180 रुपये किलो तक मनमाने रेटों में बेच रहे हैं। उपभोक्ताओं से मनमाने रेट वसूले जाने को लेकर प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।
दो माह पूर्व दालों के भावों में उछाल आने के कारण अरहर की दाल 200 रुपये किलो तक पहुंच गई थी। पिछले माह कीमतों में गिरावट आने के बाद भी अरहर की दाल 150 से 160 रुपये किलो मुख्य बाजार में बिकी थी।
अब थोक बाजार में दालों के भावों में तेजी से गिरावट आई है। थोक मंडी में भी दालों के रेटों में 20 रुपये किलो तक कमी आई है। जो अरहर की दाल पिछले माह 125 रुपये किलो थोक भाव में थी अब 100 से 105 रुपये पर आ गई है।
मंडी सचिव आरपी शर्मा ने बताया कि पिछले माह के मुकाबले इस माह दालों की कीमतों काफी गिरावट आई है। वैसे इस समय पहाड़ में हरी सब्जियां होने की वजह से दालों की डिमांड कम है। मंगलपड़ाव स्थित सीताराम मुलखराज किराना दुकानदार रिंकल अरोरा बताते हैं कि शनिवार को थोक भाव में अरहर 112 रुपये किलो खरीद में पड़ी तथा फुटकर में 115 रुपये किलो बेच रहे हैं।
इसी तरह देवलचौड़ चौराहे पर एक जनरल स्टोर पर अरहर की दाल 160 रुपये किलो बेची जा रही है जबकि देवलचौड़ चौराहे से कुछ दूरी पर एक और किराना दुकानदार अरहर की दाल 125 रुपये किलो बेच रहे हैं।
महर्षि स्कूल के आसपास के कुछ दुकानदारों ने अपने ही रेट बना रखे हैं तथा अरहर की दाल 160 से 180 रुपये किलो बेची जा रही है। यही हाल अन्य दालों का है, जिनके मनमाने रेट वसूले जा रहे हैं।
दुकानदार कोई भी खाद्यान्न बाजार के फुटकर रेटों से बहुत अधिक मनमाने रेटों पर अगर बेच रहा है तो यह गैर कानूनी है। खाद्य आपूर्ति विभाग की टीम के साथ चेकिंग कर ऐसे दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- हरबीर सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट