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हाईवे की चौड़ाई घटाने की तैयारी

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हल्द्वानी। एनएचएआई फोरलेन हाईवे की चौड़ाई घटाने जा रहा है। करीब 10 स्थानों में भूमि विवाद और प्रशासन की ओर से सहयोग नहीं किए जाने पर एनएचएआई के अधिकारियों ने इसका प्रस्ताव बनाकर एनएचएआई मुख्यालय भेजा है। तीनपानी के पास बनने वाला आरओबी भी खटाई में पड़ता दिख रहा है। गौलापुल से लेकर नरीमन चौराहे तक की सड़क भी एनएचएआई मूल चौड़ाई के बराबर ही रखेगा।
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रामपुर से लेकर काठगोदाम तक फोरलेन हाईवे का काम 2017 में शुरू हुआ था। दिसंबर 2019 तक इस सड़क का काम पूरा हो जाना चाहिए था। लेकिन एनएचएआई को जमीन नहीं मिलने के कारण ये काम लेट होता गया। पांच साल बीतने के बाद भी एनएचएआई को अभी तक फोरलेन हाईवे की जमीन नहीं मिली है। फोरलेन हाईवे बना रही कंपनी भी जमीन नहीं मिलने के कारण हाईवे का काम नहीं कर रही है।
हाईवे शुरू होने के बाद से यह विवादों में रहा है। हाथी कॉरीडोर के कारण हाईवे दवाई फार्म नगला के पास रुक गया। हल्दूचौड़ से लेकर तीनपानी तक कई जगह जमीन विवादों में फंस गई। कई जगह जमीन सरकारी अभिलेखों में है ही नहीं जबकि वहां कई लोग काबिज हैं। कई जगह जमीन नो मैस लैंड है। ये सभी मामले जिलाधिकारी कोर्ट में लंबित हैं। जिला प्रशासन की ओर से मामले नहीं निपटाने के कारण एनएचएआई जमीन का अधिग्रहण नहीं कर पाया। जमीन नहीं मिलने के कारण एनएचएआई ने नया प्रस्ताव बनाया है। नगला से लेकर तीनपानी तक एनएचएआई ने कई जगह सड़क की चौड़ाई घटाकर 14 मीटर कर दी है। इसका प्रस्ताव बनाकर एनएचएआई मुख्यालय को भेजा गया है।
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- एनएचएआई की तकनीकी उप महाप्रबंधक मीनू का कहना है कि किशनपुर सकुलिया, पाडलीपुर में अभी तक जमीन नहीं मिल पाई है। कई जगह जमीन का इश्यू चल रहा है। प्रशासन का सहयोग नहीं मिलने के कारण एनएचएआई ने कई जगह हाईवे के डिजायन में बदलाव किया है। साथ ही कई जगह सड़क की चौड़ाई घटाई गई है। इसका प्रस्ताव एनएचएआई मुख्यालय को भेज दिया गया है।
डीएम धीराज गर्ब्याल का कहना है कि मैंने जब से नैनीताल जिलाधिकारी का पद संभाला है तब से कोई भी एनएचएआई का अधिकारी मेरे पास किसी भी प्रकार की समस्या लेकर नहीं आया है। जमीन अधिग्रहण को लेकर कोई भी परेशानी है तो एनएचएआई के अधिकारियों ने बात करनी चाहिए। जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा।
यह होगा
-तीनपानी में बनने वाला आरओबी (रेलवे ओवर ब्रिज) भी अब नहीं बनेगा।
- गौलापुल से लेकर नरीमन चौराहे तक सड़क की चौड़ाई भी नहीं बदली जाएगी। जबकि यहां सड़क को नौ मीटर चौड़ाकर इसके दोनों ओर तीन-तीन मीटर के शोल्डर (फुटपाथ) बनाने थे।
प्रशासन नहीं कर रहा है सहयोग
एनएचएआई ने सड़क की चौड़ाई घटाने का जो प्रस्ताव भेजा है। उसमें साफ लिखा है कि जिला प्रशासन जमीन उपलब्ध कराने में मदद नहीं कर रहा है। कई जगह जमीन को लेकर विवाद जिलाधिकारी की कोर्ट में लंबित हैं। तीन साल से विवाद अभी तक नहीं निपटाए गए हैं।
एनएचएआई फोरलेन बनाने की समय सीमा कई बार बढ़ा चुका है
एनएचएआई फोरलेन बनाने की समय सीमा पांच साल में तीन बार बढ़ा चुका है। मार्च 2021 तक हाईवे बना रही कंपनी को हाईवे पूरा करना है लेकिन डिजायन में जो बदलाव किया गया है। उससे साफ लगता है कि समय सीमा तक सड़क बनना दूर, डिजाइन को स्वीकृति ही नहीं मिल पाएगी।
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