हल्द्वानी। पर्यटन विकास परिषद पिथौरागढ़, चमोली और पौड़ी गढ़वाल में पर्यटकों की सुविधा के लिए बनाए पर्यटक आवास गृहों (टीआरएच) को पीपीपी मोड पर देने की तैयारी कर रहा है। अगर पीपीपी मोड की व्यवस्था लागू हुई तो पर्यटकों को इनमें ठहरने के ज्यादा दाम चुकाने पड़ेंगे। अब तक केएमवीएन और जेएमवीएन इन टीआरएच को चला रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केदारनाथ और आदि कैलाश आने के बाद से बड़ी संख्या में पर्यटक उत्तराखंड आ रहे हैं। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से केएमवीएन और जेएमवीएन को लाभ हो रहा है। वर्ष 2025 में पर्यटन विभाग और पर्यटकों की संख्या और बढ़ने का अनुमान लगा रहा है। पर्यटकों को सुविधाओं में भी लगातार विस्तार किया जा रहा है। इस बीच पिथौरागढ़ जिले के पर्यटक आवास गृह बिर्थी, मुनस्यारी, चमोली के तपोवन और पौड़ी गढ़वाल के रांसी के पीपीपी मोड पर संचालन के लिए उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद ने निविदा प्रक्रिया शुरू की है। इस संबंध में पर्यटन सचिव सचिन कुर्वे का कहना है वह 20 सितंबर तक छुट्टी पर हैं। जल्द ही लौटने के बाद इस संबंध में जानकारी देंगे।
केएमवीएन और जेएमवीएन ने किया था विरोध
कुछ समय पूर्व केएमवीएन और जेएमवीएन के पर्यटक आवास गृहों का संचालन पीपीपी मोड में करने की कवायद शुरू की गई थी। कर्मचारियों के आंदोलन के बाद पीपीपी मोड संबंधी निर्णय स्थगित कर दिया गया था। निगम कर्मियों का कहना था कि पीपीपी मोड पर जाने के बाद से कर्मियों के पद समाप्त हो जाएंगे। इसके बाद सरकार बैकफुट पर आ गई थी।