नैनीताल। देवीधूरा-बसानी रोड में अभी न तो डामरीकरण हुआ है और न ही सड़क में पैरापिट हैं। यही नहीं अभी तो यह रोड संभागीय परिवहन विभाग की ओर से पास भी नहीं हुई। बावजूद इसके जिला प्रशासन ने पर्यटक सीजन के दौरान नैनीताल से हल्द्वानी को जाने वाले वाहनों को वन वे भेजने यानि इसी रोड से भेजने का निर्णय लिया है। आनन फानन में लिया गया यह फैसला आधे अधूरे इंतजाम के बीच का है।
पर्यटक सीजन के दौरान नैनीताल में सैलानियों का जमावड़ा रहता है। भारी भीड़ के चलते यहां नैनीताल हल्द्वानी रोड में दोनों ओर से वाहनों का भारी दबाव रहता है जिस कारण सीजन में हर रोज जाम की स्थिति बनती है। इससे निपटने के लिए जिला प्रशासन ने पिछले दिनों बैठक कर सीजन के दौरान हल्द्वानी जाने वाले वाहनों को वाया पटवाडांगर होते हुए भेजने का फैसला लिया है।
यदि इस फैसले पर अमल होता है तो सीजन के दौरान नैनीताल से हल्द्वानी जाने वाले छोटे वाहन बल्दियाखान से देवीधूरा, पापड़ी, बोहरागांव, मौना, बाना, बेल, बसानी, बावनडांठ होते हुए फतेहपुर में निकलेंगे। पीएमजीएसआई ने पहाड़ी का कटान कर सड़क तो बना दी है लेकिन अभी रोड में जगह जगह लगभग सात किलोमीटर डामरीकरण नहीं हुआ है। यही नहीं इस सड़क में कई स्थानों पर न तो पैरापिट बने हैं और न ही साइन बोर्ड और रिफ्लेक्टर ही लगाए गए हैं। यही नहीं इस रूट में कई स्थान ऐसे भी हैं जहां किसी भी मोबाइल कंपनी का नेटवर्क नहीं आता है। ऐसे में सीजन के दौरान इस सड़क से कैसे वाहनों का संचालन होगा इसे लेकर लोगों में संशय की स्थिति बनी हुई है।
बेल बसानी रोड का किया अधिकारियों ने निरीक्षण
नैनीताल। डीएम के निर्देश के बाद जिला प्रशासन, पुलिस और पीएमजीएसआई के अधिकारियों ने देवीधूरा बेल बसानी रोड का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सड़क के खतरनाक जगहों को चिह्नित कर उन्हें यातायात के लिए आसान बनाने, सड़क से उखड़ चुके डामर की जगह पैचवर्क कराने, पैरापिट बनवाने व जल्द से जल्द सड़क में डामरीकरण का काम पूरा कराने के निर्देश पीएमजीएसवाई के अधिकारियों व ठेकेदार को दिए।
निरीक्षण करने वालों में एसडीएम राहुल साह, सीओ विभा दीक्षित, यातायात निरीक्षक आदेश कुमार, पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता मनोज कुमार, सहायक अभियंता नेहा अमरीन मंसूरी आदि शामिल थीं।
एसडीएम राहुल साह का कहना है कि देवीधूरा बसानी रोड का निरीक्षण कर लिया गया है। संबंधित विभाग को सड़क में शेष कार्यों को जल्द से जल्द कराने के निर्देश दिए गए हैं। डामरीकरण पूरा होने के बाद यातायात को वन वे करने से पहले इस रोड में वाहन संचालन का ट्रायल किया जाएगा। उसके बाद ही यातायात को वन वे संचालित करने के बारे में फैसला लिया जाएगा।
इधर, पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता मनोज कुमार का कहना है कि डामरीकरण के लिए दस मई तक का समय मांगा गया है। सड़क में करीब सात किमी डामरीकरण होना है और पैरापिट भी बनाए जाने हैं।