नैनीताल। नैनीताल में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए बनाए गए प्रीपेड टैक्सी बूथ केवल नाम मात्र के रह गए हैं। शहर में स्थापित दो प्रीपेड टैक्सी बूथ लंबे समय से निष्क्रिय पड़े हैं, जिसके चलते पर्यटकों को सीधे टैक्सी चालकों से किराया तय कर यात्रा करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
पर्यटन स्थलों पर आने वाले यात्रियों को सुरक्षित और पारदर्शी परिवहन सुविधा देने के उद्देश्य से प्रीपेड टैक्सी बूथ बनाए जाते हैं। इन बूथों से टैक्सी बुक कराने पर वाहन का नंबर, चालक का नाम, गंतव्य और यात्रियों का पूरा विवरण दर्ज किया जाता है। साथ ही किराया भी पहले से तय रहता है, जिससे यात्रियों के साथ मनमानी या धोखाधड़ी की आशंका कम हो जाती है। नैनीताल में भी बस अड्डे और मल्लीताल क्षेत्र में दो प्रीपेड टैक्सी बूथ स्थापित किए गए हैं। लेकिन लंबे समय से इनका संचालन लगभग बंद है। अधिकांश समय इन बूथों पर टैक्सी चालक ही बैठे दिखाई देते हैं, जबकि बुकिंग की कोई औपचारिक व्यवस्था संचालित नहीं हो रही। बीती रात दिल्ली से नैनीताल घूमने आई एक युवती के साथ टैक्सी चालक द्वारा दुष्कर्म की कोशिश की घटना सामने आने के बाद यह मुद्दा फिर से चर्चा में आ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रीपेड टैक्सी बूथ प्रभावी रूप से संचालित हो रहे होते तो इस तरह की घटनाओं की संभावना काफी हद तक कम हो सकती थी। बूथ से बुकिंग होने पर वाहन और चालक का पूरा विवरण दर्ज रहता है और उसकी निगरानी भी संभव होती है।
टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष रमेश जोशी का कहना है कि लंबे समय से प्रीपेड टैक्सी बूथ की व्यवस्था निष्क्रिय पड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि पर्यटकों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से इन बूथों को जल्द सक्रिय किया जाना चाहिए, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और पारदर्शी परिवहन सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि पर्यटन नगरी की छवि बनाए रखने के लिए प्रशासन को इस व्यवस्था को फिर से प्रभावी बनाना होगा, ताकि पर्यटकों का भरोसा कायम रह सके।