हल्द्वानी के बनभूलपुरा में कर्फ्यू के बीच तीन घंटे तक एक गर्भवती जूझती रही। घर तक एंबुलेंस न पहुंचने के कारण गर्भवती को डेढ़ किलोमीटर तक पैदल भी चलना पड़ा।
हल्द्वानी के बनभूलपुरा में कर्फ्यू की पाबंदी के बीच एक गर्भवती और उसके परिवार को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला को एंबुलेंस नहीं मिली। करीब डेढ़ किमी पैदल चलना पड़ा। जैसे-तैसे महिला अस्पताल पहुंची वहां बच्ची को जन्म दिया।
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मामला शुक्रवार की रात दो बजे का है। बरेली रोड स्थित काबुल गेट के पास रहने वाली सनम को रात 11 बजे अचानक प्रसव पीड़ा हुई। जब दर्द बढ़ा तो परिवार ने अस्पताल ले जाने का मन बनाया लेकिन कर्फ्यू की पाबंदी के चलते उजाला नगर मोहल्ले में आवाजाही बंद थी।
एंबुलेंस को फोन किया तो पता चला कि उनके मोहल्ले की सड़क संकरी होने के कारण वहां नहीं पहुंचा जा सकता। इसके लिए उन्हें बरेली रोड पर मुख्य सड़क तक आना होगा। बीते दिनों सनम के पति के पैर पर चोट आ गई थी।
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इसके बावजूद रात 11 बजे वह भी लड़खड़ा कर सनम और अपनी बूढ़ी मां के साथ चल दिए। रास्ते भर में उन्हें किसी ने सहायता नहीं दी। उन्हें पुलिस के सवालों से भी जूझना पड़ा। डेढ़ किमी के रास्ते में कई बार उन्हें रोका गया।
ऐसा इसलिए क्योंकि पति लड़खड़ाकर चल रहे थे, इस परिवार को उपद्रव में शामिल परिवार समझा गया। जैसे-तैसे डेढ़ घंटे बाद एंबुलेंस के पास पहुंचे। इसके बाद सनम को महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। रात दो बजे महिला अस्पताल में बिटिया का जन्म हुआ।
अस्थायी जेल में 90 से अधिक संदिग्धों को डाला
पुलिस ने उपद्रवियों को चिह्नित करने की कार्रवाई में पूरी ताकत झोंक दी है। हल्द्वानी हिंसा में पूछताछ के लिए हिरासत में लिए 90 से अधिक संदिग्धों को पुलिस ने गौलापार में बनाई अस्थायी जेल में डाला है। पुलिस इन सभी के चेहरे सीसीटीवी फुटेज, फोटो, वीडियो से मिला रही है। इसके साथ अन्य साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं।
पुलिस लगातार उपद्रवियों की पहचान में जुटी है। उपद्रवियों को हिरासत में लेने का सिलसिला जारी है। रविवार को 30 लोगों को पुलिस ने पूछताछ के बाद छोड़ दिया। उधर दोबारा दबिश देकर 30 से अधिक लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। पुलिस ने इन्हें रखने के लिए गौलापार कुवंरपुर के एक स्कूल में एक अस्थायी जेल बनाई है।
इस जेल में 90 से अधिक लोगों को रखा गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार कई उपद्रवियों ने पुलिस को कुछ साक्ष्य भी उपलब्ध कराए हैं। पुलिस इन उपद्रवियों का लिंक तलाश कर रही है। एसएसपी पीएन मीणा का कहना है कि 12 टीमें लगातार धरपकड़ कर रही है। जल्द ही उपद्रवियों और मास्टमाइंड को पुलिस गिरफ्तार कर लेगी।
कॉल डिटेल खंगाल रही पुलिस
पुलिस कॉल डिटेल और संदिग्धों के मोबाइल को खंगाल रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार मोबाइल से 150 से अधिक फोटो, वीडियो पुलिस ने कब्जे में ली है। गिरफ्तार आरोपियों की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। पुलिस को कुछ मोबाइल में बरेली, यूपी में रहने वाले लोगों के नंबर भी मिले हैं। इन नंबरों से हिंसा से पहले और बाद में लगातार बात हो रही थी।