हल्द्वानी में पत्रकार वार्ता करते अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण तोगड़िया।
हल्द्वानी। अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के अध्यक्ष डॉ.प्रवीण भाई तोगड़िया ने बगैर नाम लिए मोदी सरकार पर निशाना साधा। कहा कि कोर्ट के आदेश के तहत अब राम मंदिर तो बनेगा, लेकिन रामराज्य का सपना टूट रहा है। आरोप लगाया कि गलत आर्थिक नीतियों के चलते देश के 18 करोड़ लोग भूखे सो रहे हैं। बेरोजगारी 1972 जैसी हो गई है।
रामपुर रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के अध्यक्ष डॉ. तोगड़िया ने पत्रकार वार्ता में कहा कि यहूदियों के 2000 वर्षों के संघर्ष के बाद उन्हें इजराइल देश मिला। इसी तरह हिंदुओं के 450 वर्ष संघर्ष के बाद सुप्रीम कोर्ट ने राममंदिर बनाने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। 378 ईसवी पूर्व रोम में भी हिंदू थे, अरब भी हिंदुओं का था। अब रोम और अरबिस्तान में हिंदू नहीं बचे हैं। मुगल शासकों की यातना के बावजूद देश में सौ करोड़ हिंदू जिंदा हैं, जो स्वाभिमान का प्रतीक हैं। आरोप लगाया कि भाजपा ने सत्ता मिलने पर राम मंदिर बनाने का अपना वचन पूरा नहीं किया। वह राम मंदिर को भूलकर तीन तलाक बिल पास करने में लग गई।
सपना था कि हिंदुओं को रोजगार और उनको घर मिले। आज 18 करोड़ लोग भूखे सो रहे हैं। उनके सामने फोरलेन और जीडीपी की बात करना बेमानी होगी। देश में तीन लाख किसान आत्महत्या कर चुके हैं। 72 वर्षों में सबसे अधिक बेरोजगारी बढ़ी है। चार करोड़ लघु उद्योग बंद हो गए। शिक्षा इतनी महंगी हो गई कि बच्चों को पढ़ाना मुश्किल हो गया है। अब केंद्रीय वित्त मंत्री के पति और वित्त वेत्ता अरविंद सुब्रम्हणयम् ने देश की आर्थिक दशा पर चिंता जताई है। फिर भी केंद्र सरकार महंगाई और बेरोजगारी की बात स्वीकार करने के पक्ष में नहीं है। यदि मानते तो सभी मिलकर देश की अर्थव्यवस्था को दुरुस्त करने में योगदान दे सकते थे। उन्होंने कहा कि वह एनआरसी और सीएए का समर्थन करते हैं, लेकिन एनआरसी से असोम में 40 लाख बांग्लादेशी नागरिक हो गए, जो देश हित में नहीं है।
‘हिंदू ही आगे’ कार्यक्रम में एकत्र करेंगे एक-एक मुट्ठी अनाज
डॉ. तोगड़िया ने कहा कि उनकी पार्टी ने भूखे लोगों के लिए एक कार्यक्रम तय किया है। हर बृहस्पतिवार को ‘हिंदू ही आगे’ कार्यक्रम किया जाएगा, इसके तहत कार्यकर्ता एक-एक मुट्ठी अनाज मांगकर इकट्ठा करेंगे। 20 किलो अनाज इकट्ठा होने के बाद उसे भूखे लोगों को घर-घर जाकर दान करेंगे। इस प्रकार के देश में 10 हजार केंद्र बनाने का लक्ष्य है। इस योजना से पांच करोड़ भूखे लोगों को फायदा मिलेगा। इसी प्रकार महिला सुरक्षा और बच्चों की सुरक्षा के लिए भी योजना बनाई गई है।