हर्बल रंग को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ रही है। लोगों ने हर्बल रंग से ही खेलने का संकल्प दोहराया है। कमलुवागांजा के रहने वाले दीपक साह कहते हैं कि पर्व खुशियों का है। ऐसे में केमिकल युक्त रंग लगाने से दूसरे को नुकसान पहुंचता है, खुद के भी हाथ खराब होते हैं।
ऐसे में हर्बल रंग ही बेहतर विकल्प हैं। आम आदमी पार्टी के मीडिया प्रवक्ता कमान सिंह धामी कहते हैं कि हर्बल रंग केमिकल रंग से थोड़ा महंगे होते हैं, लेकिन यह सभी के लिए सुरक्षित होते हैं। प्रयास किया है कि घर के अलावा जानने वाले लोगों को हर्बल रंग से खेलने को प्रेरित किया जा सके।
तल्ली हल्द्वानी के रहने वाली पुष्पा बिष्ट कहती हैं कि हर्बल रंग, गुलाल से खेलना ज्यादा अच्छा है। देवलचौड़ के रहने वाले छात्र वासु और विशाल नेगी कहते हैं कि इस बार से हर्बल रंग खेलने का संकल्प लिया है।