हल्द्वानी। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद के हाइस्कूल और इंटरमीडिएट के परीक्षाफल में पहाड़ी जिलों ने बाजी मारी है। वहीं मैदानी जिले सभी सुविधाओं के बाद भी फिसड्डी रहे हैं। मैदानी क्षेत्र में रिजल्ट खराब रहने से विभाग के आला अधिकारी अपने को बचाते हुए शिक्षकों की कमी पर ठीकरा फोड़ रहे हैं।
उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद सचिव आरके कुंवर ने पूछने पर कहा कि पिछले शिक्षा सत्र में शिक्षकों की कमी के कारण मैदानी जिले पिछड़ गए। वहीं, पहाड़ी जिलों में भी शिक्षकों की कमी के सवाल को टालते हुए उन्होंने कहा कि मैदानी क्षेत्र में जिस विद्यालय का परीक्षाफल गिरा है। उन शिक्षकों के सीआर में इसको दर्ज किया जाएगा।
वहीं जुलाई से शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए भर्ती शुरू की जाएगी। भर्ती शुरू करने को लेकर विभाग ने लोकसेवा आयोग को लिखा है। कहा कि विभाग में पदोन्नति लगभग पूरी हो चुकी है। पदोन्नति के बाद खाली पदों में नियुक्ति भी जल्द शुरू की जाएगी।