हल्द्वानी। 14 मार्च को उत्तराखंड में मनाया गया लोकपर्व फूलदेई ने देश के प्रमुख उद्योगपति महेंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महेंद्रा को प्रभावित किया है। त्योहार के दिन छोटे-छोटे बच्चों के हाथों में टोकरियां और उनमें मौजूद ताजे फूलों को घरों के दरवाजे की चौखट पर रखते देख आनंद महेंद्रा न केवल प्रफुल्लित हुए हैं बल्कि उन्होंने इसे दुनिया भर में फैलाने का भी आह्वान किया है।
15 मार्च को महेंद्रा ग्रुप के चेयरमैन ने फूलदेई पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल साइट एक्स पर लिखा है कि उन्होंने फूलदेई के त्योहार के बारे में नहीं सुना था। यह बसंत का त्योहार है जिसे 14 मार्च को उत्तराखंड के गांवों में मनाया गया। उन्होंने लिखा कि इस त्योहार में बच्चे पहाड़ियों से ताजे फूल एकत्र करते हैं और घर-घर जाकर उन्हें चौखट पर रखकर घर परिवार के लिए आशीर्वाद देते हैं। आनंद महेंद्रा ने लिखा फूल देई, छम्मा देई, देनी द्वार भर भकार यानि घर में सुख समृद्धि बने रहे। यह वह पक्तियां हैं जिनका त्योहार के दौरान बच्चे उत्साह के साथ घर घर में गायन करते हैं। इसके बदले बच्चों को मिठाईयां मिलती हैं।उन्होंने लिखा कि उनके लिए उत्तराखंड के ये बच्चे ही उनका मनडे मोटिवेशन हैं।
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हैलोवीन से तुलना, फूलदेई को बताया बेहतर
महेंद्रा ने अपने संदेश में फूलदेई की तुलना अमेरिका के हैलोवीन त्योहार से की। उन्होंने लिखा कि हैलोवीन में बच्चे घर-घर जाकर ''''ट्रिक और ट्रीट'''' कहते हैं। हालांकि, दोनों में एक प्यारा फर्क है। फूलदेई में बच्चे पहले कुछ देते हैं जबकि हैलोवीन में मांगा जाता है।