पेट्रोल और डीजल के दामों में हुई भारी बढ़ोतरी ने आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ा दिया है। तेल की कीमतों में उछाल के बाद अब मालभाड़ा बढ़ने और दैनिक उपभोग की वस्तुओं के दाम चढ़ने की आशंका है। जहां कारोबारी इसे बाजार के लिए नुकसानदायक मान रहे हैं वहीं कुछ लोग इसे देशहित में सहने की बात कह रहे हैं।
जिले में पेट्रोल के दाम 2.83 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 3.01 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। 94.13 रुपये प्रति लीटर की दर से मिलने वाला पेट्रोल अब 96.96 रुपये पर पहुंच गया है। डीजल के दाम 89.10 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 92.11 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं। अचानक हुई इस बढ़ोतरी से वाहन स्वामी और मध्यम वर्ग के लोग परेशान हैं। व्यापारियों का कहना है कि डीजल महंगा होने से सीधे तौर पर ट्रांसपोर्टेशन की लागत बढ़ेगी। इससे बाहरी जिलों से आने वाले राशन, सब्जी और अन्य सामान की कीमतें बढ़ना तय है। टैक्सी संचालकों का कहना है कि किराया हाल ही में बढ़ाया गया है। दोबारा किराया बढ़ाना संभव नहीं होने से पूरी मार चालक और मालिकों पर पड़ेगी।
पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से सीधा असर ट्रांसपोर्ट पर पड़ेगा। मालभाड़ा महंगा होगा तो बाजार में वस्तुओं की कीमतें बढ़ेंगी, जिसका सीधा लोड आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। कारोबार के लिए यह स्थिति शुभ नहीं है। - कवि जोशी, पूर्व अध्यक्ष, व्यापार मंडल