तेल कंपनियां लगातार पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी कर लोगों का बजट बिगाड़ रही हैं। इस बार कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामों में इजाफा होने को कारण बताया गया है। पेट्रोल के दामों में पांच बार और डीजल के दाम एक जनवरी से 31 मई के बीच सात बार बढ़ाए गए।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत कम होने पर तेल कंपनियों ने दामों में कटौती तो नहीं की, मगर बढ़ोतरी जरूर होती रही। पेट्रोल-डीजल के दामों में कमी तो सिर्फ 50 पैसे से लेकर डेढ़ रुपये तक हुई। जबकि बढ़ोतरी डेढ़ रुपये से ढाई रुपये के बीच रही। एक और 17 मई को भी दामों में बढ़ोतरी की गई। जनवरी से 31 मई तक पेट्रोल के दामों में पांच बार बढ़ोतरी हुई, जबकि पांच बार कमी हुई।
डीजल की कीमतों में सात बार इजाफा हुआ और महज चार बार कम किए गए। डीजल के दामों में हो रही वृद्धि का सीधा असर लोगों की जेब पर पड़ रहा है। खाद्य पदार्थों की कीमत बढ़ने से घर का बजट बिगड़ रहा है।
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तारीख पेट्रोल दरें डीजल दरें (बढ़ोतरी)
01.01.16 64.83 48.03
01.03.16 -- 48.76
17.03.16 -- 49.76
05.04.16 66.32 50.61
01.05.16 66.57 52.00
17.05.16 67.22 53.08
01.06.16 69.25 55.44
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तारीख पेट्रोल दरें डीजल दरें (कमी)
16.01.16 64.58 47.30
01.02.16 64.55 47.27
18.02.16 64.30 47.51
01.03.16 61.93 --
16.04.16 65.74 49.51