नैनीताल। हाईकोर्ट ने हरिद्वार के निजामपुर ग्राम में आरक्षित भूमि के बजाय अन्यत्र पानी की टंकी बनाने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी व न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ ने पेयजल निगम के तथ्यों से सहमत होते हुए जनहित याचिका को खारीज कर दिया है।
पेयजल निगम ने कोर्ट को बताया कि निगम ने पानी की टंकी के लिए आरक्षित भूमि के बजाय इसका निर्माण किसी अन्य खसरे पर कर दिया है, इसलिए जनहित याचिका को निरस्त किया जाए। निगम के इस कथन पर सहमत होते हुए खंडपीठ ने जनहित याचिका को निरस्त कर दिया।
हरिद्वार के निजामपुर निवासी पवन सिंह ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि चकबंदी के दौरान ग्राम की हरिजन बस्ती के लिए एक खसरा व दूसरा खसरा पानी की टंकी के लिए आरक्षित किया गया था लेकिन पेयजल निगम ने पानी की टंकी के लिए आरक्षित खसरे में टंकी का निर्माण न कर किसी अन्य खसरे पर कर दिया जिस पर रोक लगाई जाए।