याचिका में कहा गया कि राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के नियमों के तहत मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की अनुमति इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए दी जानी चाहिए कि वह एक-दूसरे से 15 किलोमीटर के भीतर न हों।
हर जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए सरकार को निर्देश देने की मांग वाली याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि इसके बजाय सरकार को प्रत्येक जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना चाहिए।
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मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी एवं न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार सुरभि शाह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि केवल देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, अल्मोडा और पौडी गढ़वाल समेत पांच जिलों में सरकारी मेडिकल कॉलेज हैं। देहरादून में तीन निजी मेडिकल कॉलेज खोलने की भी अनुमति दी गई है।
याचिका में कहा गया कि राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के नियमों के तहत मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की अनुमति इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए दी जानी चाहिए कि वह एक-दूसरे से 15 किलोमीटर के भीतर न हों।
कोर्ट ने इस तर्क को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उत्तराखंड की स्थिति अन्य राज्यों की तुलना में बहुत अलग है। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण यहां जनसंख्या का असमान वितरण है। इसके अलावा, राज्य में चिकित्सा कर्मियों की भारी कमी है। कोर्ट ने कहा कि हर जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने के बजाय हर जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जाना चाहिए।