नैनीताल। हाईकोर्ट ने गढ़वाल में जीबी पंत इंस्टीट्यूट की सहायक प्रोफेसर मनीषा भट्ट की आत्महत्या के मामले में दो आरोपी प्रोफेसर डॉ. अनिल कुमार गौतम और डॉ. यशवीर सिंह के तबादला आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया है। आरोप है कि दोनों ने अपनी महिला सहकर्मी को इस हद तक प्रताड़ित किया था कि उसके पास अपनी जीवन लीला समाप्त करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था।
मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी एवं न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। प्रोफेसर डॉ. अनिल कुमार गौतम और डॉ. यशवीर सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। दोनों प्राध्यापकों की याचिका पर सुनवाई हुई। 25 मई को पौड़ी गढ़वाल के जीबी पंत इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में घटना के अगले ही दिन पुलिस ने दोनों आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके बाद दोनों प्रोफेसर को पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा स्थानांतरित कर दिया गया था। उन्होंने अपने तबादले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। इसके बाद कोर्ट ने दोनों की याचिका को खारिज कर दिया।