हाईकोर्ट ने ऋषिकेश देहरादून स्थित फारेस्ट व्यू वेडिंग प्वाइंट में वेडिंग प्वाइंट चलाने के साथ उसमें बार चलाए जाने के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद सरकार को स्थिति से अवगत कराने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई के लिए 11 मार्च की तिथि नियत की है।
मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। डोईवाला देहरादून निवासी उदय नारायण तिवारी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि भगतराम का फारेस्ट व्यू वेडिंग प्वाइंट है। इसमें बार भी चलाया जा रहा है जो ऋषिकेश में प्रतिबंधित है।
याचिकाकर्ता का कहना था कि सरकार की ओर से 24 अप्रैल 2002 को जारी शासनादेश के तहत हरिद्वार व ऋषिकेश तीर्थ स्थानों में पिरान कलियर से 1 से 6 किलोमीटर में बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमनोत्री धाम, पूर्णागिरी, रीठा साहब, हेमकुंड साहब और नानकमत्ता में पूर्ण रूप से मद्यनिषेघ लागू है। इन स्थानों में कोई मदिरा की दुकान नहीं खोली जाएगी। इसके विपरीत भगतराम ने वेडिंग प्वाइंट में बार खोला है।