फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खुरपिया, प्राग फार्म में ही बसना चाहते हैं लोग

विज्ञापन
विज्ञापन
हल्द्वानी। जमरानी बांध परियोजना इकाई की ओर से क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी न होने की रिपोर्ट एडीबी और शासन को दे दी गई है। अब डूब क्षेत्र के लोगों के पुनर्वास और जमीन अधिग्रहण के लिए जल्द नई नीति जारी होने की उम्मीद है। दूसरी तरफ विस्थापित होने वाले ग्रामीणों ने खुरपिया और प्राग फार्म में तलाशी गई जमीन में ही बसाने की मांग की है।
विज्ञापन

- डूब क्षेत्रवासियों को खुरपिया और प्राग फार्म में बसाने की प्रक्रिया तेज करनी चाहिए। अन्य जगह जमीन तलाशने के बजाय पूर्व में चयनित इसी जमीन पर बसाया जाए। - नवीन पडलिया, अध्यक्ष जमरानी बांध संघर्ष समिति।
- ग्रामीणों की मांग के अनुसार खुरपिया और प्राग फार्म में उन्हें बसाने के लिए शासन स्तर पर वार्ता की जाएगी। सीएम से मिलकर समस्या का समाधान कराया जाएगा। - डॉ. हरीश बिष्ट, संरक्षक जमरानी बांध संघर्ष समिति एवं भाजपा नेता।
विज्ञापन

- भूमि अधिग्रहण कराए जाने के शासन से आदेश मिलने के बाद अब प्रशासन को सबसे पहले बांध प्रभावितों के पुनर्वास की कार्रवाई तेज करनी चाहिए। - हरेंद्र सिंह, स्थानीय निवासी।
- हमारी पहले से यहीं मांग रही है कि सितारगंज की बजाय उन्हें खुरपिया और प्राग फार्म में बसाया जाए। नई जमीन तलाशने में अभी अधिक समय लगेगा। - नारायण सिंह, स्थानीय निवासी।
- सरकार को डूब क्षेत्रवासियों के हितों की चिंता करनी चाहिए। बांध निर्माण की प्रक्रिया तभी तेज होगी जब बांध प्रभावितों का विस्थापन कर लिया जाएगा। - प्रताप राम, स्थानीय निवासी।
- डूब क्षेत्रवासियों को उचित जगह पर बसाने के साथ ही उनके रोजगार आदि की व्यवस्था करनी हो। ग्रामीणों की 12 सूत्रीय मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए। - चंद्रमोहन, स्थानीय निवासी।
शासन स्तर पर बांध विस्थापितों के पुनर्वास को लेकर गुरुवार को चर्चा भी हुई है। शासन से जल्द पुनर्वास को लेकर नई पॉलिसी जारी होने की उम्मीद है। शासन से सकारात्मक संकेत मिले हैं। - भारत भूषण पांडेय, अधिशासी अभियंता, जमरानी बांध निर्माण कार्यक्रम क्रियान्वयन परियोजना इकाई।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें