हल्द्वानी। शहर के बनभूलपुरा इलाके के बंजारान मस्जिद में उलमा से स्वास्थ्य परीक्षण कराने की अपील करने गई पु्लिस के खिलाफ रविवार दोपहर लोग सड़क पर उतर आए। सील इलाके में लॉकडाउन का उल्लंघन कर प्रदर्शन कर रही सैकड़ों की भीड़ ने लाइन नंबर आठ में जमकर नारेबाजी की। आरोप लगाया कि पुलिस क्वारंटीन के नाम पर उलमा को शहर से दूर ले जाना चाहती है। उन्होंने मस्जिद में एक दरोगा पर बेअदबी का भी आरोप लगाया। हालांकि, एसपी सिटी ने आरोपों को बेबुनियाद बताया। करीब दो घंटे तक यहां माहौल तनावपूर्ण रहा। पुलिस अधिकारियों से बातचीत के बाद उलमा के समझाने पर ही लोग घरों में लौटे।
बनभूलपुरा थानाध्यक्ष सुशील कुमार की अगुवाई में पुलिस टीम रविवार की दोपहर मौलाना वासित, मौलाना मुकीम कासमी सहित अन्य लोगों का मेडिकल टेस्ट कराने और क्वारंटीन में रहने के लिए समझाने को बंजारान मस्जिद गई थी। पुलिस ने बताया कि मेडिकल टेस्ट कराने के बाद सभी को आम्रपाली संस्थान में रखा जाएगा। इस पर लोग भड़क गए और विरोध करते हुए कहा कि आम्रपाली शहर से काफी दूर है। यदि उलमा को दो दिन रखना है तो बनभूलपुरा के किसी होटल में रखा जाए।
पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सैकड़ों लोग लाइन नंबर आठ की सड़क पर उतर आए। भारी भीड़ देख वहां मौजूद गिने-चुने पुलिसकर्मियों में खलबली मच गई।
एसएसपी सुनील कुमार मीणा के निर्देश पर एसी सिटी अमित श्रीवास्तव, सीओ शांतनु पाराशर, सीओ दिनेश चंद्र ढौडियाल सहित बड़ी तादाद में पुलिस फोर्स और पीएसी के जवान मौके पर पहुंचे। सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह और एसडीएम विवेक राय भी आ गए। लोगों का आरोप था कि थाने के एक दरोगा और सिपाही ने मस्जिद में बेअदबी की है। करीब दो घंटे तक हंगामा चलता रहा। बाद में पुलिस अधिकारियों ने क्षेत्र के संभ्रांत लोगों से बात की और उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुना। पुलिस अफसरों और उलमा के समझाने पर भीड़ घरों को लौट गई।
मस्जिद में बेअदबी की जांच हो
मेरे पास बनभूलपुरा थाने से फोन आया था कि शहर की मस्जिदों के इमाम और अन्य लोगों को स्वास्थ्य परीक्षण के लिए ललित आर्य महिला इंटर कॉलेज में लेकर जाना है। जांच के बाद उनको आम्रपाली संस्थान में क्वारंटीन किया जाएगा। पुलिस से गुजारिश की गई कि उन्हें आसपास के होटलों में क्वारंटीन किया जाए। जब पुलिस की टीम आई तो लोग गुस्सा हो गए। भीड़ को समझा बुझाकर शांत कराया गया। मौलाना लोगों का विचार है कि मस्जिद में बेअदबी करने की जांच कराकर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाए। - मौलाना मुकीम कासमी, जिलाध्यक्ष जमीयत उलेमा-ए-हिंद।
- बनभूलपुरा में सिर्फ अफ वाह को लेकर सडक पर भीड़ एकत्र हो गई थी। जिन लोगों ने अफ वाह फैलाई, उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।- सुनील कुमार मीणा, एसएसपी नैनीताल।
पुलिस ने किया पैदल मार्च
कोतवाल संजय कुमार ने घरों के बाहर निकले लाइन नंबर आठ और सात के सभी लोगों को घरों में रहने की चेतावनी दी। इसके बाद सीओ शांतनु पाराशर के नेतृत्व में पुलिस और पीएसी ने बनभूलपुरा में पैदल मार्च किया। पुलिस अधिकारियों ने गलियों में घूम रहे लोगों को घरों के अंदर कराया।
डेढ़ घंटे तक गर्माया रहा बनभूलपुरा
मस्जिद से करीब दो बजे पुलिस के निकलते ही लोग सड़कों पर उतर आए। पुलिस और प्रशासन को कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि भीड़ को किस प्रकार नियंत्रित किया जाएगा। नारेबाजी करते हुए लोग आगे बढ़ रहे थे। इस बीच कंट्रोल रूम से सूचना मिलने के बाद शहर के चारों थानों की पुलिस, पीएसी और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। समझाने के बाद करीब पौने चार बजे लोग सड़क से अपने घरों की तरफ लौट गए।
कोई छत से तो कोई खिड़की से देख रहा था
हल्द्वानी। बनभुलपुरा में सैकड़ों लोग सड़क पर जमा थे। सैकड़ों लोग छतों पर जमा थे। कुछ लोग खिड़कियों से भी बाहर की गतिविधियों की टोह ले रहे थे। भीड़ छंटने के बाद पुलिस ने मुनादी कराकर लोगों से घरों के अंदर जाने की अपील की। इस दौरान भीड़ ने पुलिस के ड्रोन उड़ाने पर भी एतराज जताया जिससे पुलिस दो घंटे तक ड्रोन भी क्षेत्र में नहीं उढ़ा सकी।
सुबह से चल रही थी नाराजगी, दिन में हो गया बखेड़ा, डॉक्टरों की टीम को लौटाया गया
हल्द्वानी। उलमा को शहर से दूर क्वारंटीन करने की सुगबुगाहट के चलते रविवार सुबह से ही बनभूलपुरा इलाके के लोग नाराज थे। यही कारण था कि स्वास्थ्य परीक्षण करने गई डॉक्टरों की टीम को उन्होंने वापस भेज दिया। माहौल उस समय बिगड़ गया जब पुलिस बंजारान मस्जिद पहुुंची।
पुलिस और प्रशासन की ओर से बनभूलपुरा के संभ्रांत लोगों को शहर से बाहर आम्रपाली संस्थान में रखने की तैयारी सुबह ही कर ली गई थी। तय किया गया था कि संभ्रांत लोगों की मेडिकल जांच कराने के बाद उन्हें क्वारंटीन किया जाएगा। अगर उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई तो उन्हें घर भेज दिया जाएगा। रिपोर्ट यदि पॉजिटिव आती है तो उनकी क्वारंटीन अवधि डॉक्टर तय करेंगे। आम्रपाली में रखने की जानकारी संभ्रांत लोगों को पुलिस से मिल गई थी। दोपहर में उलमा ने एलआईयू को बता दिया था कि उन्हें बनभूलपुरा के होटलों में रखना ठीक होगा। शहर से दूर रखने पर परेशानी बढ़ेगी। एलआईयू ने उलमा के रुख से जिला पुलिस और प्रशासन को अवगत भी करा दिया था।