भूमि अधिग्रहण के बिल के विरोध में बुधवार को किसान, छात्र और आप कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए। उन्होंने बिल को जनविरोधी बताते हुए जमकर नारेबाजी की।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व महासचिव महेश शर्मा के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि भूमि अधिग्रहण बिल किसान विरोधी है, इसे लागू कर केंद्र सरकार किसानों की कीमती जमीन को पूंजीपतियों के हाथ कौड़ियों में बिकवाना चाहती है। इस दौरान राकेश कुमार, विजय सिंह, कुंदन सिंह, सुरेंद्र बिष्ट, पूरन सिंह खनी, प्रदीप नेगी, दया बेलवाल, पवन तिवारी, सुरेश जोशी आदि थे।
इधर, आम आदमी पार्टी के किशन दत्त पांडे और उर्वादत्त पांडे ने कहा कि किसान हित में इस बिल को तत्काल वापिस लिया जाना चाहिए। सभा को संयोजक हरीश रावत, जिला प्रवक्ता कमान सिंह धामी, लक्ष्मण भट्ट, मनोज पंत भी संबोधित किया। बाद में कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। इस दौरान मो. अनवर अंसारी, रमेश बोरा, नवीन, मुन्ना, चंद्रशेखर कबडवाल रक्षित वर्मा आदि थे।
वहीं, एनएसयूआई कार्यकर्ता पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज भट्ट के नेतृत्व में बुद्ध पार्क में एकत्र हुए और बिल के विरोध में जमकर नारेबाजी की। इस दौरान पूर्व प्रदेश महासचिव विपिन परगाई, सुरेश मेहरा, हेम पांडे, गिरीश राजपूत, मनोज कुमार भट्ट, बिपिन डुंगराकोटी, जगदीश आर्य आदि थे।
किसानों के लिए आर्थिक पैकेज की मांग
बेमौसमी बरसात और ओलावृष्टि से किसान बदहाल हैं। कई संगठनों ने किसानों के लिए त्वरित आर्थिक पैकेज की मांग की है। बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल के आवास पर किसानों की समस्याओं को लेकर किसान नेता रमेश शर्मा पहुंचे। उन्होंने किसानों की मदद करने की गुहार लगाई। इस दौरान एसडीएम पंकज उपाध्याय, राजेंद्र सिंह मेहरा आदि थे। इधर, कांग्रेसी नेता महेश शर्मा के नेतृत्व किसान एसडीएम पंकज उपाध्याय से मिले और उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसमें जल्द मुआवजा और किसान बेहतर दाम पर फसल बेच सकें, इसके लिए मार्केटिंग की व्यवस्था करने का भी अनुरोध किया गया है। इस दौरान त्रिभुवन जोशी, पवन तिवारी, हरीश जोशी, सुनील पांडे, परमजीत सिंह, भुवन आर्य, गोविंद बिष्ट आदि थे।