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Uttarakhand: गर्भ में बच्चे की मौत का दुख और दर्द लेकर तीन शहरों में भटकी मां, 160 किमी दूर किया गया ऑपरेशन

Wed, 26 Feb 2025 11:29 AM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, हल्द्वानी

सार

बच्चे की आस लिए दर्द से कराहती मां को अपने ही शहर में इलाज नहीं मिल पाया। पेट में मृत बच्चे को लेकर अपने शहर बागेश्वर से अल्मोड़ा और फिर हल्द्वानी पहुंची अकेली मां का दर्द नहीं है। ऐसी परिस्थितियों से पहाड़ की हर महिला गुजरती है। 
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पहाड़ के मरीजों की दुश्वारियां कम नहीं हो रही हैं। एक ओर पहाड़ में डॉक्टरों की कमी और ऊपर से रेफरल सेंटर का तमगा ले चुके इन अस्पतालों में मरीज को भर्ती कराने से कोई फायदा नहीं मिल रहा है। बच्चे की आस लिए दर्द से कराहती मां के लिए इससे बड़ा दुखदायी पल क्या होगा कि उसे अपने ही शहर में इलाज नहीं मिल पाया। पेट में मृत बच्चे को लेकर अपने शहर बागेश्वर से अल्मोड़ा और फिर हल्द्वानी पहुंची अकेली मां का दर्द नहीं है। ऐसी परिस्थितियों से पहाड़ की हर महिला गुजरती है। आगे भी ऐसा न हो इसकी भी कोई गारंटी नहीं है।

बागेश्वर जिले में नदी गांव सैम मंदिर वार्ड निवासी 26 वर्षीय कविता भट्ट को सोमवार को दर्द उठने पर स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अल्ट्रासाउंड जांच में बच्चे की मौत का पता चलने के बाद महिला का ऑपरेशन करना जरूरी था लेकिन वहां महिला रोग विशेषज्ञ के अवकाश में होने के कारण उसे 70 किमी दूर हायर सेंटर अल्मोड़ा रेफर कर दिया गया। लेकिन अल्मोड़ा बेस अस्पताल से भी गर्भवती को फिर 90 किमी दूर हल्द्वानी रेफर कर दिया गया। सोमवार रात हल्द्वानी पहुंची गर्भवती की जांचों के बाद मंगलवार शाम को ऑपरेट कर मृत बच्चे को बाहर निकाला गया है।

मरीज के गर्भ में 37 सप्ताह का बच्चा था जो मृत अवस्था में था, उसे बाहर निकाल लिया गया है। गर्भवती की जान बच गई है। -डाॅ. अरुण जोशी, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज।

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