अस्पताल में आए मरीज को भर्ती नहीं करने की घटना को मानवाधिकार आयोग ने गंभीरता से लिया है। आयोग ने शिकायत के आधार पर एसटीएच प्रबंधन और रुद्रपुर के मुख्य चिकित्साधिकारी को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है।
मानवाधिकार कार्यकर्ता गुरविंदर सिंह चड्ढा ने बताया कि 18 सितंबर की रात मानसिक रूप से कमजोर महिला को भर्ती कराने के लिए जिला चिकित्सालय रुद्रपुर लाया गया, लेकिन अस्पताल के कर्मचारियों ने उसे लौटा दिया।
इसी प्रकार सुशीला तिवारी अस्पताल के कर्मचारियों ने उसे भर्ती नहीं किया। महिला 108 एंबुलेंस में रात भर अस्पताल के बाहर पड़ी रही। अगले दिन सुबह 19 सितंबर को महिला को एसटीएच में भर्ती किया गया।
इस शिकायत को उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग ने काफी गंभीरता से लिया है। आयोग ने रुद्रपुर के सीएमओ और एसटीएच के प्रबंधन से चार सप्ताह के अंदर जवाब मांगा है।