हल्द्वानी। पथरी के ऑपरेशन के दौरान मरीज की मौत के मामले में निजी हॉस्पिटल के चिकित्सक और स्टाफ के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।
रामपुर रोड किशनपुर घुड़दौड़ा निवासी भरत मोहन सिंह ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हल्द्वानी की अदालत में दिए प्रार्थनापत्र में आरोप लगाया है कि उनके बड़े भाई ललित मोहन सिंह को पेट दर्द की शिकायत होने पर 12 सितंबर 2025 को मुखानी रोड स्थित प्राइड अस्पताल में दिखाया गया। डॉक्टर ने किडनी स्टोन का ऑपरेशन कराने के लिए कहते हुए 24 सितंबर की तारीख दी। 24 सितंबर की सुबह आठ बजे मरीज को अस्पताल में भर्ती कराया गया और दोपहर में ऑपरेशन हुआ। शाम छह बजे चिकित्सकों ने मोहन की तबीयत बिगड़ने और सांस लेने में परेशानी होने की जानकारी दी। उन्होंने दूसरे अस्पताल ले जाने की बात कही। इस पर वह हॉस्पिटल के डॉक्टर और स्टाफ के साथ मोहन को दूसरे अस्पताल ले गए जहां चिकित्सकों ने बाहर ही उन्हें मृत घोषित कर दिया। कारण पूछने पर संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
25 सितंबर को उन्होंने सीएमओ और हल्द्वानी कोतवाली में शिकायत की। 18 अक्तूबर को हल्द्वानी थाने में तहरीर दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
सीएमओ की जांच के आधार पर प्राइवेट अस्पताल में मरीज की मौत के मामले में अस्पताल के चिकित्सक और अन्य स्टाफ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच में दोष सिद्ध होने पर कार्रवाई की जाएगी। - अमित कुमार सैनी, सीओ सिटी