दलाईलामा के बाद तिब्बतियों के दूसरे सबसे बड़े धर्मगुरु 11वें पंचेन लामा को गायब हुए वर्ष 2016 में 21 वर्ष पूरे हो गए हैं।
पीपुल्स रिपब्लिक आफ चाइना (पीआरसी) द्वारा अगवा किए गए पंचेन लामा वास्तव में दुनिया के सबसे कम उम्र के राजनीतिक बंदी हैं। जिन्हें मात्र 6 साल की आयु में ही अगवा कर लिया गया था। आज भी विश्वभर के तिब्बती समुदाय को उनके तथा उनके परिवार के विषय में कोई जानकारी नहीं है।
मूल रूप से 25 अप्रैल 1989 को तिब्बत के लाहरी जिले में जन्मे गेदुन छुयकी नीमा को धर्मगुरुदलाई लामा ने 14 मई 1995 को महज 6 वर्ष की आयु में तिब्बतियों के 11वें पंचेन लामा के रूप में मनोनीत किया था। इस घोषणा के ठीक तीन दिन बाद यानी 17 मई 1995 को मासूम पंचेन लामा को पीआरसी ने परिवार एवं उनके सचिव समेत अगवा कर लिया था।
तिब्बतियों की मानें तो 1995 में पीआरसी ने कहा कि पंचेन लामा परिवार के साथ अपने गांव में रह रहे हैं जबकि 1996 में कहा गया कि तिब्बतियों से सुरक्षा के लिए पंचेन लामा को चीन सरकार ने अपने कब्जे में रखा है। इसी वर्ष यह भी कहा गया कि वे तिब्बती समुदाय के पास वापस चले गए हैं।