भीमताल बाईपास पर इस जगह से मासूम पल्लवी नाले में बहीं थी।
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घर की सबसे छोटी और माता-पिता की लाडली पल्लवी मंगलवार सुबह अपने भाई के साथ फूलों की नर्सरी के पास खेल रही थी। उसे क्या पता था कि बारिश के बाद गीली हुई मिट्टी पर पड़ा उसका एक कदम परिवार की खुशियों को हमेशा के लिए मातम में बदल देगा। खेलते-खेलते नाले के पास पहुंची चार साल की पल्लवी का पैर गीली मिट्टी पर फिसला और वह देखते ही देखते तेज बहाव वाले नाले में जा गिरी।
पल्लवी को नाले में बहता देख उसका बड़ा भाई घबरा गया। वह रोते हुए चीख-चीखकर पिता और आसपास के लोगों से बहन को बचाने की गुहार लगाने लगा। दुकान पर मौजूद पिता भुवन कुमार और आसपास के लोग आवाज सुनकर नाले की ओर दौड़े। पल्लवी को बचाने के लिए कुछ लोग नाले में उतरे लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि पलक झपकते ही मासूम आंखों से ओझल हो गई।
इसके बाद करीब एक घंटे तक पल्लवी की तलाश चलती रही। हर गुजरते पल के साथ परिजनों की उम्मीद टूटती जा रही थी। करीब आधा किलोमीटर दूर बोट स्टैंड के पास नाले के किनारे पल्लवी का शव मिला तो परिवार की बची-खुची उम्मीद भी टूट गई। जिस बेटी की किलकारियों से घर गुलजार रहता था, उसकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
कुछ समय पहले ही शुरू किया था स्कूल जाना
कुछ समय पहले ही पल्लवी का विद्यालय में दाखिला कराया गया था। घर में सबसे छोटी होने के कारण वह माता-पिता की आंखों का तारा थी। उसकी मासूम शरारतों और खिलखिलाहट से घर की फुलवारी महकती थी। मंगलवार की बारिश में वही फुलवारी हमेशा के लिए उजड़ गई।
नहर कवर होती तो शायद बच जाती जान
स्थानीय लोगों ने कहा कि जिस जगह बच्ची बही उस जगह अगर नहर कवरिंग होती तो शायद पल्लवी की जान बच जाती। मासूम बच्ची की मौत के बाद से बाईपास क्षेत्र में गमगीन माहौल रहा। भुवन कुमार सब्जी की दुकान चलाकर परिवार का पालन पोषण करते हैं, बच्ची की मौत के बाद वह बदहवास हो गए।
आपदा मंत्री से सहायता दिलाने की मांग
भीमताल बाईपास पर नाले में बहने से चार साल की मासूम पल्लवी की मौत पर आवास सलाहकार समिति उपाध्यक्ष भावना मेहरा ने देहरादून में आपदा मंत्री मदन कौशिक से मुलाकात कर मृतका के परिजनों को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की। भावना ने बताया कि आपदा मंत्री ने डीएम से वार्ता कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।