मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि सरकार हमेशा दलितों के साथ है। नौ नवंबर 2014 से पूर्व वर्ग 4, नजूल और सरकारी भूमि पर बसे अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछडे़ लोगों को मालिकाना हक दिया जाएगा। साथ ही शहरों में बची नजूल भूमि को फ्रीहोल्ड कर सफाई कर्मियों को बसाया जाएगा।
2018 तक सभी को आवास उपलब्ध कराया जाएगा। सीएम ने कहा कि प्रदेश में दो मेडिकल कालेज ओर चार पालीटेक्निक के नाम डा. भीमराव अंबेडकर और जगजीवन राम के नाम पर रखा जाएगा। साथ ही हर शहर में एक पार्क खुशीराम के नाम पर रखा जाएगा। सीएम रावत रविवार को खुशीराम राजकीय इंटर कालेज मालधनचौड़ में आयोजित अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति इंप्लाइज एसोसिएशन के वार्षिक अधिवेशन को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
सीएम ने कहा कि शिक्षा विभाग में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के एक हजार बैकलाग पद भर दिए गए हैं। अगले तीन वर्षों में सभी बैकलाग पद भर दिए जाएंगे। आउटसोर्सिंग से भरे जाने वाले पदों में भी आरक्षण का पूर्ण अनुपालन किया जाएगा। सीएम ने कहा कि इरशाद हुसैन कमेटी का कार्यकाल नहीं बढ़ाया जाएगा और कमेटी तय समय सीमा में ही रिपोर्ट देगी। सीएम ने कहा कि प्रमोशन में आरक्षण के लिए नया फार्मूला निकाला जाएगा।
सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एससीपी/टीएसपी की धनराशि शत प्रतिशत खर्च करें अन्यथा कार्यवाही की जाएगी। सीम ने मालधनचौड़ में डिग्री कालेज की स्थापना शीघ्र करने के साथ ही रामनगर डिग्री कालेज में परास्नातक में दो नए विषय शुरू करने और रामनगर स्टेडियम निर्माण के साथ ही ढेला से हो रहे भू-कटाव पर रोक लगाने और खुशीराम इंटर कालेज में छह अतिरिक्त कक्ष बनवाने की घोषणा की। सीएम ने कहा कि ढेला क्षेत्र में रह रहे वन गुर्जरों के विस्थापन की कार्यवाही भी की जाएगी।
रमेश चंद्र आर्य की मांग मालधनचौड़ सहित अन्य लोगों ने वन ग्रामों को राजस्व ग्राम घोषित किए जाने की मांग की। अधिवेशन को नैनीताल विधायक एवं संसदीय सचिव सरिता आर्य, पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा, पूर्व विधायक रणजीत सिंह रावत, एसोसिएशन के अध्यक्ष मदन कुमार शिल्पकार आदि ने भी संबोधित किया।
इस दौरान डीआईजी पुष्कर सिंह सैलाल, डीएम दीपक रावत, एसएसपी सेंथिल अबुदई, एएसपी यशवंत सिंह, एसडीएम एसएस जंगपांगी, तहसीलदार गौरव चिटवाल, शिशुपाल सिंह रावत, ब्लाक प्रमुख संजय नेगी, पुष्कर दुर्गापाल, कृष्णा लटवाल, ग्राम प्रधान मोहन फर्त्याल, सुरेंद्र सिंह, सीएल भारती, श्यामलाल, प्रेम सागर, देवेंद्र कुमार, जीएस कुंडल, अशोक कुमार, रोहित कुमार, लल्लूलाल, मंगल सिंह, विनोद कुमार, जयप्रकाश, प्रमोद चौधरी, सुभाष चंद्र, दिनेश टम्टा आदि थे। इस दौरान रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसमें गायक गजेंद्र राणा, विशन सिंह हरियाला ने सुंदर गीतों की प्रस्तुति दी।