शहर के सुंदरीकरण के नाम पर नैनीताल रोड के डिवाइडर के बीच में करोड़ों रुपए खर्च कर स्ट्रीट लाइट लगाई हैं। लेकिन, लाइट जलने के बाद बिजली का बिल कौन चुकाएगा? इसकी चिंता कम ही है। मौजूदा समय में नगर निगम पर 97 लाख का बिल का बकाया है, इसके अलावा जो पुराना बिल का बकाया था, उसका एरियर भी आठ करोड़ से ज्यादा का है।
नैनीताल रोड पर राज्य योजना से करीब चार करोड़ से ज्यादा का खर्च कर स्ट्रीट लाइट को लगाया गया है। जो सड़क के किनारे स्ट्रीट लाइट लगी हैं, उनको क्रमश: हटाया जाएगा। हालांकि अभी तक लोनिवि ने नगर निगम को नई लगी स्ट्रीट लाइट को हस्तांतरित नहीं किया है।
जो मौजूदा स्थिति है, उसमें नगर निगम पर पुराने स्ट्रीट लाइट जलाने पर 97 लाख का बिल बिजली विभाग को चुकाना है। इसके अलावा पिछले सालों में जो बिजली का बिल था, उसका करीब आठ करोड़ से ज्यादा का बकाया है।
अगर यह दोनों को जोड़ दिया जाए, तो नगर निगम को करीब नौ करोड़ चुकाने हैं। जो नगर निगम के हाल हैं, उसमें कर्मियों का पूरा वेतन सही समय पर ही मिल जाए, उसके ही हालात नहीं है। ऐसे में यह बिल नगर निगम के माध्यम से चुकाया जा सकेगा, उसके आसार कम ही है।
नगर निगम का बिजली विभाग पर बकाया
नगर निगम का बिजली विभाग पर भी बकाया है। सहायक नगर आयुक्त दिलीप कपूर कहते हैं कि बिजली के पोल, ट्रांसफार्मर आदि नगर निगम सीमा में लगे हैं, उनका लाखों रुपये का बकाया देना है।