उत्तराखंड ट्रक ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन का अभियान रंग लाया। संगठन के लोगों ने आठ ओवरलोड वाहनों को खान विभाग को सौंपा तो उन्हें सीज कर दिया गया। इन वाहनों के चालकों से 25 हजार रुपये तक का जुर्माना वसूला।
उत्तराखंड ट्रक एंड ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि बगास से भरे दो ट्रकों से एआरटीओ सरदार गुरुदेव सिंह ने 25 हजार जुर्माना वसूला। शांतिपुरी बैरियर से दो ओवरलोड ट्रकों को दबोचा गया। वाहन चालकों के पास वैध कागजात नहीं होने पर उपनिदेशक खनन राजपाल लेघा को सौंप दिया।
जब इन वाहन चालकों से बिना शुल्क के रेता बजरी लाने के बारे में पूछताछ की गई तो उन्होंने न्यू तराई स्टोन क्रशर से माल लाने की बात कबूली। इस पर उपजिलाधिकारी किच्छा और उप निदेशक खनन राजपाल लेघा ने क्रशर में छापामारी की। क्रशर मौजूद उप खनिज की पैमाइश की गई तो भारी मात्रा में अवैध खनन पकड़ा गया।
इस पर टीम ने क्रशर के खिलाफ कोतवाली में तहरीर सौंपी है। इधर यूनियन अध्यक्ष गुरनाम सिंह रिंटू ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ओवरलोड पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाए जाने तक यूनियन का आंदोलन जारी रहेगा। ओवरलोड के खिलाफ कार्रवाई में जीवन कबड़वाल, महेश चौधरी, मनोज सिंह, अनिल गिरी, जेपी तिवारी, अल्ताफ खान, ओंकार शर्मा, इकराम खान, दीपू नयाल समेत यूनियन के कई पदाधिकारी शामिल थे।
खान विभाग ने अवैध खनन के खिलाफ सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान छह ट्रक बिना रायल्टी भुगतान किए ही रेता बजरी ले जाते पकड़े गए। सभी ट्रकों को सीज कर दिया गया है।
उप निदेशक खान राजपाल लेघा के नेतृत्व में टीम ने शनिवार को लालकुआं नैनीताल रोड पर चेकिंग अभियान चलाया। टीम ने हल्दूचौड़ में चेकिंग के दौरान रेता, पत्थर से लदे एक के बाद एक कर छह ट्रकों को पकड़ा है। इनमें ट्रक संख्या यूपी 26 0205, एचआर 57 3996, यूपी 33 टी 2811, यूपी 26 टी 2232, यूपी 26 टी 2445, यूपी 26 टी 2446 हैं। जब इन वाहनों के चालकों से उप खनिज के दस्तावेज दिखाने को कहा तो वे बगले झांकने लगे। इस पर टीम ने तत्काल उन सभी वाहनों को पकड़ लिया।