नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और यूआर राव उपग्रह केंद्र (यूआरएससी) ने आर्यभट्ट उपग्रह और अंतरिक्ष विज्ञान आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम भारत के पहले उपग्रह आर्यभट्ट के 1975 में सफल प्रक्षेपण की स्वर्ण जयंती के अवसर पर हुआ। इसमें 19 अप्रैल 1975 को सोवियत संघ से प्रक्षेपित इस ऐतिहासिक उपग्रह के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
यूआरएससी के उप निदेशक ए राजेंद्र ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। विभिन्न विद्यालयों के पांच सौ से अधिक छात्र-छात्राओं ने इसमें भाग लिया। उदयपुर सौर वेधशाला के भुवन जोशी और शंकरसुब्रमण्यन के ने आर्यभट्ट से आदित्य-एल 1 मिशन तक की वैज्ञानिक उपलब्धियों पर व्याख्यान दिया। विद्यार्थियों के लिए अंतरिक्ष प्रश्नोत्तरी, आशुभाषण और चित्रकला जैसी प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। यहां प्रो. एम सी जोशी, प्रो. आलोक दुर्गापाल, प्रो. विमल पांडे, प्रो. सीमा पांडे, डॉ. गिरीश चंद्र, डॉ. राज कुमार आदि मौजूद थे।