नैनीताल। हाईकोर्ट ने देहरादून के तहसीलदार को पिछले सात वर्षों से लंबित दाखिल-खारिज के एक वाद का शीघ्र निस्तारण करने का आदेश दिया है।
न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। प्रवीण दुर्गा व अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि वर्ष 1969 में सेल डीड होने के बाद 2002 में राजस्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज किया गया था, जिसे बाद में रद्द कर दिया गया। इस पूरे मामले की जांच विशेष जांच दल द्वारा भी की गई थी लेकिन इसके बावजूद अपर तहसीलदार कोर्ट देहरादून में दाखिल खारिज की कार्यवाही पिछले सात साल से लंबित है।
कोर्ट ने कहा कि पुराने मामलों की प्राथमिकता और कार्यभार को देखते हुए कोई निश्चित समयावधि तय करना संभव नहीं है लेकिन संबंधित अदालत से यह उम्मीद है कि वह इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द निपटाए। संवाद