नैनीताल। हाईकोर्ट ने देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया है कि वह यह सुनिश्चित करें कि थाना जोगीवाला पुलिस या कोई अन्य अधिकारी बुजुर्ग दंपती को परेशान या प्रताड़ित न करे और कानून की उचित प्रक्रिया के बिना उनको संपत्ति से बेदखल न किया जाए। कोर्ट ने विपक्षीगणों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। बुजुर्ग नरेंद्र सिंह रावत (76) और उनकी पत्नी बीना रावत (71) ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उन्होनें अपने बेटे अमित रावत को इस उम्मीद के साथ अपनी संपत्ति गिफ्ट डीड के जरिये दी थी कि वह और उसकी पत्नी रुचि रावत उनकी देखभाल करेंगे। याचिका में कहा गया कि देखभाल न करने पर याचिकाकर्ताओं ने वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम, 2007 के तहत गिफ्ट डीड को रद्द कराने के लिए आवेदन किया लेकिन इस बीच बहू ने संपत्ति अन्य व्यक्तियों को सेल डीड के माध्यम से बेच दी। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि बिक्री के बाद जोगीवाला थाने की पुलिस उन पर समझौते का दबाव बना रही है और उन्हें घर से बेदखल करने की धमकियां दे रही है।