नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल के छह पीएचडी शोधार्थी और दो शिक्षक सदस्य एक सप्ताह के विशेष उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी), बंगलूरू के लिए चयनित हुए हैं। यह कार्यक्रम देश के अग्रणी शोध संस्थान में प्रशिक्षण का एक महत्वपूर्ण अवसर देता है।
यह प्रशिक्षण एएनआरएफ-पेयर परियोजना के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है जिसकी कुल लागत 100 करोड़ है। इस राष्ट्रीय महत्वाकांक्षी परियोजना में आईआईएससी बेंगलुरु ‘हब’ संस्थान है जबकि कुमाऊं विश्वविद्यालय इस परियोजना में चयनित ‘स्पोक’ विश्वविद्यालयों में से एक है।
यह पांच दिवसीय हैंड्स-ऑन कार्यशाला 11 से 15 जनवरी 2026 तक होगी जिसमें एक्स-रे विवर्तन एवं स्कैनिंग इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी जैसी अत्यंत महत्वपूर्ण एवं बहुपयोगी उन्नत विश्लेषण तकनीकों पर गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यशाला में आईआईएससी के केंद्रीय प्रयोगशालाओं में विशेषज्ञ वैज्ञानिकों की ओर से व्याख्यान तथा आधुनिक उपकरणों पर प्रत्यक्ष प्रयोगात्मक प्रशिक्षण शामिल होगा।
कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत ने कहा कि प्रशिक्षण से प्रतिभागी शोधार्थी एवं शिक्षक अपने-अपने विभागों में अर्जित ज्ञान और कौशल का उपयोग करते हुए विश्वविद्यालय की अनुसंधान संस्कृति को और अधिक समृद्ध करेंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉ. महेश आर्य एवं डॉ. संतोष उपाध्याय फैकल्टी प्रतिनिधि के रूप में प्रतिभाग करेंगे। शोधार्थियों में श्रेया जुकारिया, प्रियंका तिवारी, राहुल आनंद, अक्षय कंबोज, कुणाल जोशी एवं पंकज पंत शामिल हैं।