हल्द्वानी। पीजी डॉक्टरों की हड़ताल से सुशीला तिवारी अस्पताल में मरीजों के ऑपरेशन रुक गए हैं। सर्जरी विभाग के डाॅ. प्रतीक शाक्य ने बताया कि हल्द्वानी के दो मरीजों के ऑपरेशन थे जिसमें एक पित्ताशय और दूसरा हार्निया केस था। हड़ताल की वजह से दोनों ऑपरेशन नहीं हुए। उन्हें अगली डेट दी जाएगी। इसी तरह यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डाॅ. लक्ष्मण पाल ने भी बताया कि शुक्रवार को भी उनके चार ऑपरेशन हैं लेकिन सभी को आगे की तिथियों की डेट दी जा रही है। इनमें कई मरीज भर्ती भी हैं। न्यूरो सर्जन डॉ. अखिलेश ने बताया कि पहाड़ का एक मरीज वार्ड ई में भर्ती है और बृहस्पतिवार को उसका ऑपरेशन था लेकिन पीजी के न होने से ऑपरेशन टालना पड़ा। ऑर्थो के विभागाध्यक्ष डॉ. गणेश ने बताया यहां एक ऑपरेशन तो सुबह हो गया था लेकिन हड्डी के दूसरे ऑपरेशन में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
स्टाइपेंड की मांग के लिए इंटर्न और पीजी डॉक्टरों ने एक साथ दिया धरना
स्टाइपेंड की मांग के लिए इंटर्न के साथ अब पीजी डॉक्टर भी आंदोलित हो गए हैं। बृहस्पतिवार को एसटीएच परिसर में इंटर्न और पीजी के डॉक्टर एक साथ धरने पर बैठे और मांगों के लिए प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने ओपीडी कार्य नहीं किया जिससे विभागों में सीनियर डॉक्टरों पर अतिरिक्त दबाव रहा। प्राचार्य के अनुरोध के बाद भी आंदोलित डॉक्टरों ने मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का एलान किया। धरने पर बैठे इंटर्न ने स्टाइपेंड 17 हजार के वेतन को बढ़ाकर 30 हजार और पीजी डॉक्टरों ने 62 हजार रुपये से बढ़ाकर सवा लाख रुपये करने की मांग दोहराई। धरने में पीजी डॉक्टरों में डॉ. मोनस खान, डॉ. विक्की, अदिति, प्रभात और इंटर्न में डॉ. आजम, डॉ. शबाब, डॉ. निर्मल सिंह, डॉ. शुमाइल, डॉ. निहारिका, डॉ. वर्निका आदि धरने पर शामिल रहे।
प्राचार्य बोले-धरनास्थल नहीं है अस्पताल परिसर
सुबह प्राचार्य प्रो. अजय आर्या ने आंदोलित छात्रों के बीच जाकर उन्हें समझाया। उन्होंने दो बजे बाद किसी भी तरह आंदोलन से उठने की अपील करते हुए चेताया कि अस्पताल परिसर धरनास्थल नहीं है। उन्होंने छात्रों से कहा कि वह बुद्ध पार्क पर धरने पर बैठें अन्यथा पुलिस कार्रवाई होगी। प्राचार्य ने बाद में विभागाध्यक्षों की बैठक लेते हुए मरीजों का हर संभव इलाज करने को कहा। उन्होंने कंसल्टेंट को अधिक से अधिक मरीज देखने को कहा।
शुक्रवार को पीजी डॉक्टरों का आंदोलन सुबह 8 बजे से शुरू होगा। इस दौरान ओपीडी में सहयोग नहीं करेंगे। डे ऑफ और नाइट ड्यूटी वाले पीजी डॉक्टर धरने पर बैठेंगे। इमरजेंसी, इमरजेंसी ओटी, आईसीयू, वार्ड ड्यूटी, क्रिटिकल केयर में उनका सहयोग करेंगे। - डॉ. राजदीप बिंद्रा, अध्यक्ष, रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन हल्द्वानी