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ऑपरेशन की तारीख हड़ताल से गई

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हल्द्वानी। उपनल कर्मियों की हड़ताल का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। मरीजों को ऑपेरशन की तिथि मिलने के बाद उनके ऑपरेशन टाल दिए गए हैं। अस्पताल में आईसीयू से लेकर इमरजेंसी तक में गंदगी फैली है और दुर्गंध के चलते खड़ा होना भी मुश्किल हो रहा है। गंदगी के कारण दूसरी बीमारी फैलने का खतरा भी बना हुआ है।
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समान काम के लिए समान वेतन और नियमितीकरण की मांग को लेकर उपनल कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। हड़ताल के चलते वार्डों में वार्ड ब्वॉय भी नहीं रह गए हैं। साथ ही अस्पताल में भर्ती कोविड मरीजों को भी परेशानी हो रही है। कोविड मरीजों के वार्ड में भी गंदगी फैल गई है और उनको समय पर पानी और खाना देने वाला कोई नहीं है। साथ ही अस्पताल के वार्डों के शौचालय भी चोक होने लगे हैं। साथ ही जांचों की संख्या भी कम हो गई है। दो दिन में 70 ऑपरेशन टाल दिए गए हैं और यह आपरेशन अब होली के बाद होंगे।
शाम को पहुंचे पर्यावरण मित्र तब हुई सफाई
हल्द्वानी। शनिवार को पूरे दिन एसटीएच में सफाई नहीं हो सकी। शाम को एसडीएम विवेक राय, कार्यवाहक सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह और तहसीलदार नितेश डांगर एसटीएच पहुंचे। नगर निगम से 12 पर्यावरण मित्रों को बुलाया। पर्यावरण मित्रों के पहुंचने के बाद एसटीएच के एमएस डॉ. अरुण जोशी ने सफाई शुरू कराई। बायोमेडिकल वेस्ट का ढेर लग गया है और उसके निस्तारण करने वाला कोई नहीं है। एसटीएच का बायोमेडिकल वेस्ट इंसीनेटर में भेजा जाता है। बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण न होने से भी संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है।
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हड़तालियों कर्मियों को हटाने पुलिस पहुंची
हल्द्वानी। राजकीय मेडिकल कालेज परिसर में हड़ताल पर बैठे उपनल कर्मियों को हटाने के लिए पुलिस और प्राचार्य पहुंच गए। प्राचार्य और पुलिस ने हड़तालियों से परिसर छोड़ने का कहा। इस दौरान हड़ताल पर बैठे उपनल कर्मियों ने प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उपनल कर्मी नीरज हेड़िया ने बताया कि रविवार से बुद्ध पार्क में धरना देंगे। बुद्ध पार्क में धरना देने के संबंध में कार्यवाहक सिटी मजिस्ट्रेट को अनुमति पत्र भी दिया है। दूसरी ओर प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने शनिवार को आदेश जारी कर कहा कि एसटीएच या मेडिकल कालेज परिसर में कोई भी कर्मचारी धरना प्रदर्शन नहीं करेगा। परिसर में धरना प्रदर्शन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। उन्होंने 09 दिसंबर 2020 के शासनादेश का हवाला देते हुए कहा कि चकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की समस्त सेवाएं अत्यावश्यक सेवाओं घोषित करते हुए हड़ताल को प्रतिबंधित किया था। डॉ. भैसाड़ा ने कर्मियों को आदेश का हवाला देते हुए तत्काल काम पर लौटने को कहा है। उन्होंने चिकित्सा शिक्षा निदेशक को भी हड़ताल की सूचना भेज दी है। उधर प्रदर्शन करने वालों में मोहन रावत, दीपा शर्मा, अजय कुमार, चंचल कुमार, चंदू कफल्टिया, सुशील मसीह, हेमा आर्या, मोनिका चंद, पान सिंह, यतींद्र जोशी, मनीष तिवारी, मनीष रौतेला, रमेश पलड़िया, अंजली बाफिला आदि थे।
लोगों की पीड़ा
जैंती अल्मोड़ा से आए एक मरीज को एसटीएच में भर्ती किया गया। उनके गुर्दे में पथरी है। एक दिन में अस्पताल में रखने के बाद डॉक्टरों ने हड़ताल का हवाला देते हुए ऑपरेशन करने से मना कर दिया। कहा कि आपरेशन अब हड़ताल खत्म होने के बाद होगा।
- गंगा प्रसाद
अल्मोड़ा के एक मरीज आपरेशन के लिए आए थे। उनके पैरे की नस बंद हो गई थी। चार दिन पहले अस्पताल आए थे। डाक्टर अभी जांचें करा रहे हैं। अभी तक आपरेशन की तिथि नहीं दी है और अब कह दिया है कि हड़ताल खत्म होने के बाद आपरेशन करेंगे।
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-उमेश गिरी
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