हल्द्वानी। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय ने ऑनलाइन शिक्षा के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। विवि ने भारत सरकार के स्वयं प्लेटफॉर्म पर राज्य के विश्वविद्यालयों में सर्वाधिक मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्स (एमओओसी) संचालित करने का रिकॉर्ड बनाया है।
कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी ने विवि में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि इस वर्ष जुलाई सत्र में 12 मैसिव में कुल 42,454 शिक्षार्थियों ने नामांकन किया जो किसी भी एक सत्र में अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। इसमें 60 से अधिक देशों के विद्यार्थी शामिल हैं जो साइबर सुरक्षा, डिजिटल फोरेंसिक, वेब टेक्नालॉजी सहित अन्य विषयों पर आधारित हैं। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को डिजिटल युग की आवश्यकताओं के अनुरूप सक्षम बनाना है।
कुलपति प्रो. लोहनी ने कहा कि यह उपलब्धि हमारे शिक्षकों, विषय विशेषज्ञों और तकनीकी टीम की मेहनत का परिणाम और शिक्षार्थियों के विश्वास और समर्पण का भी प्रतीक है। उन्होंने बताया कि विवि का लक्ष्य डिजिटल शिक्षा को सीमाओं से परे ले जाकर हर विद्यार्थी तक पहुंचाना है। बताया कि विश्वविद्यालय की ओर से सामग्री के स्थानीयकरण की दिशा में उल्लेखनीय कदम उठाए गए हैं। स्वयं बोर्ड ने विवि के एक कोर्स को 8 भारतीय भाषाओं में अनुवाद के लिए चयन किया है।
इस अवसर पर विवि के योजना बोर्ड, मान्यता बोर्ड के सदस्य और राष्ट्रीय परीक्षा संस्था के अध्यक्ष प्रो. प्रदीप कुमार जोशी, प्रो. एचसी पोखरियाल, विवि के निदेशक क्षेत्रीय सेवाएं प्रो. गिरिजा पाण्डेय, निदेशक अकादमिक प्रो. पीडी पंत, कंप्यूटर साइंस के निदेशक प्रो. जितेंद्र पाण्डेय, पत्रकारिता एवं मीडिया के निदेशक प्रो. राकेश चंद्र रयाल मौजूद रहे।