नैनीताल। बीडी पांडे अस्पताल में डॉक्टरों की तैनाती के मुकाबले आवासीय सुविधाएं बेहद सीमित हैं। अस्पताल में 36 डॉक्टर तैनात हैं लेकिन उनके रहने के लिए महज सात सरकारी आवास उपलब्ध हैं। ऐसे में दूसरे शहरों से नैनीताल आने वाले चिकित्सकों को रहने के लिए किराये पर कमरे तलाशने में जद्दोजहद करनी पड़ रही है।
प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार, अस्पताल में उपलब्ध सात आवास फिजिशियन, रेडियोलॉजिस्ट, नेत्र रोग विशेषज्ञ, सर्जन, डेंटिस्ट, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ और एनेस्थेटिक को आवंटित किए गए हैं। वहीं, अन्य चिकित्सकों को किराये के कमरों में रहना पड़ रहा है। हालांकि कुछ डॉक्टरों के घर नैनीताल में ही हैं लेकिन दूसरे स्थानों से आकर यहां सेवाएं देने वाले चिकित्सकों के सामने समस्या बनी हुई है।
पर्यटन नगरी में कमरा तलाशना चुनौती
शहर में पर्यटन गतिविधियों के चलते किराये के आवासों की उपलब्धता और किराया भी चिकित्सकों के लिए चुनौती बन सकता है। ऐसे में अस्पताल में तैनात डॉक्टरों के लिए पर्याप्त आवासीय व्यवस्था उपलब्ध कराना जरूरी है।
ट्रांजिट हॉस्टल बनने पर मिलेंगे आठ आवास
अस्पताल की पीएमएस डॉ. द्रौपदी गर्ब्याल ने बताया कि ट्रांजिट हॉस्टल का कार्य पूरा होने के बाद चिकित्सकों के लिए आठ और आवास उपलब्ध हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि कई डॉक्टरों के घर शहर में ही हैं लेकिन अन्य चिकित्सकों को किराये पर कमरा तलाशने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। आवास की इस समस्या से उच्च अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है।