टमाटर के लिए प्रसिद्ध गौलापार के प्याज की मार्केट में कोई डिमांड न होने के कारण किसानों को फसल के अच्छे दाम भी नहीं मिल पा रहे हैं। इसकी वजह यह है कि गौलापार का प्याज कच्चा होने की वजह से जल्दी सड़ रहा है। थोक मंडी में गौलापार का प्याज सड़क पर जगह-जगह कूड़े पर सड़ रहा है। गौलापार के प्याज के थोक रेट 600 से 700 रुपये चल रहे हैं जबकि इंदौर और राजस्थान का प्याज 900 से 1100 रुपये क्विंटल चल रहा है।
गौलापार में बड़ी संख्या में किसानों ने प्याज लगाया था। पिछले दिनों हुई बरसात तथा अब गर्मी बढ़ने से प्याज खराब निकल रहा है। गौलापार का प्याज थोक मंडी में तो आ रहा है लेकिन किसानों को इसका दाम 600 से 700 रुपये क्विंटल से ज्यादा नहीं मिल पा रहा है। थोक मंडी में आढ़त पर इस प्याज की छंटनी होने के कारण इसमें से जो प्याज खराब निकल रहा है, मंडी में जगह-जगह ढेर लगे हैं। सड़क पर कूड़े में प्याज सड़ रहा है।
व्यापारियों ने बताया कि प्याज कच्चा और हाईब्रिड का होने के कारण बरसात और गर्मी की वजह से जल्दी खराब हो जा रहा है। इस प्याज की दिल्ली मंडी में कोई डिमांड नहीं होने के कारण इसके रेट नहीं बढ़ पा रहे। दिल्ली मंडी में प्याज लदा ट्रक खड़ा रहा लेकिन कोई खरीदार नहीं मिला। थोक मंडी में आलू-प्याज कारोबारी कासिम अली ने बताया कि मंगलवार को थोक में प्याज का भाव 600 से लेकर 1100 रुपये क्विंटल रहा। व्यवसायी देवानंद सिंधी ने बताया कि इस बार गौलापार में प्याज की बंपर फसल हुई है। मगर बरसात और गर्मी की उमस की वजह से प्याज जल्द खराब हो रही है।