रामनगर (नैनीताल)। शनिवार की मध्य रात्रि में हुई भारी बारिश (अतिवृष्टि) से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। कॉर्बेट से आ रहे गधेरे में आए पानी से चोरपानी में एक मकान बह गया, गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। चोरपानी, कानिया, टेढ़ा गांव के घरों में पानी की घुस गया और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। टेड़ा नाले में एक पर्यटक की कार बह गई, जबकि पर्यटक सुरक्षित है। प्रशासन की टीम नुकसान की जानकारी ले रही है।
शनिवार और रविवार की मध्यरात्रि हुई बारिश से कॉर्बेट के बिजरानी रेंज से आने वाले गधेरे में बाढ़ आ गई। बाढ़ के पानी ने चोरपानी निवासी राधेश्याम के घर को अपनी चपेट में ले लिया। बाढ़ देख राधेश्याम का परिवार किसी तरह सुरक्षित स्थान पर पहुंचा। इसी बीच घर का एक कमरा ढहकर बह गया। बाढ़ में अलमारी, फ्रीज, कूलर, बेड और करीब 1.35 लाख रुपये भी बह गए।
चोरपानी में जिला पंचायत सदस्य हंसा नेगी के आवास का आगे का हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया। रात में परिवार के लोगों ने पड़ोस के घरों में शरण ली। शनिवार सुबह विधायक दीवान सिंह बिष्ट, तहसीलदार पूनम पंत, सिंचाई विभाग के एई हरीश भदोला, भाजपा नेता राकेश नैनवाल, मदन जोशी, इंदर रावत ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। इसके बाद दो जेसीबी बुलाकर नदी का बहाव दूसरी ओर किया गया। चोरपानी में ही पूर्व विधायक राम दत्त जोशी के घर में भी पानी भर गया। पूर्व विधायक की बहू सुमन जोशी ने बताया कि घर में पानी भर गया और उनकी मोटर तक फुंक गई।
तहसीलदार पूनम पंत का कहना है कि चोरपानी में मकान बहा है। नुकसान की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। अभी तक 46 परिवारों को चिह्नित किया गया है, जिन्हें प्रति परिवार 38 हजार रुपये प्रशासन की ओर से सहायता के रूप में दिए जाएंगे। कुल सहायता राशि 1 एक लाख 74 हजार आठ सौ रुपये दिए जाएंगे। साथ ही सुरक्षात्मक कार्य भी किए जा रहे हैं। रामनगर के अन्य क्षेत्राें में भी बारिश से नुकसान हुआ है।
कानिया में कई घरों में घुसा पानी और मलबा
नई बस्ती कानिया में 12 से अधिक मकानों में पानी व मलबा घुस गया। सामाजिक कार्यकर्ता ललित उप्रेती ने बताया कि अगर नई बस्ती में बहने वाले नाले को साफ नहीं किया गया तो फिर से गांव में पानी भर सकता है। वहीं पाटकोट गांव में भी अनूप सिंह के घर की दीवार ढह गई। करीब 20 हजार रुपये की क्षति का अनुमान है।
नाले में बही पर्यटकों की कार
देर रात हुई भारी बारिश में नाला पार कर रहे पर्यटकों की कार (एचआर-29एजी-5319) बह गई। गनीमत ये रही कि पर्यटक समय रहते कार से उतरकर और होटल में चले गए थे। हालांकि प्रशासन अभी तक पर्यटकों की जानकारी नहीं कर पाया है। वहीं टेड़ा गांव में भी वन विभाग की ओर से हाथियों की सुरक्षा के लिए बनाई गई दीवार भी ढह गई। टेड़ा गांव में हरीश सिंह के मकान में भी पानी घुस गया। घरेलू सामान, साइकिल, बर्तन आदि बह गए। दहशत में ग्रामीणों ने रात जागकर काटी।
पूर्व विधायक ने मकान स्वामी को दिए पांच हजार
चोरपानी में कांग्रेस के पूर्व विधायक रणजीत सिंह रावत ने क्षतिग्रस्त मकान स्वामी राधेश्याम को पांच हजार रुपये की आर्थिक मदद की। साथ ही आगे भी मदद का आश्वासन दिया। उनके साथ गोपाल रावत, पूजा अधिकारी, निधि नैनवाल, गोमती देवी, उमा देवी, सुनीता नेगी आदि मौजूद रहे।
इधर, भाजपा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य राकेश नैनवाल ने बताया कि पीड़ित परिवारों को सरकार की ओर मुआवजा दिलाया जाएगा। इस मौके पर ग्राम प्रधान कृपाल दत्त जोशी, हेमंत रावत, विपिन उप्रेती, हंसा नेगी आदि मौजूद रहे।
बैराज पर जलस्तर पहुंचा 33111 क्यूसेक
रामनगर। शनिवार और रविवार की की मध्यरात्रि हुई भारी बारिश का असर कोसी नदी में भी देखने को मिला। शनिवार रात 11 बजे से शुरू हुई बारिश से आसपास के नाले उफान पर आ गए और कोसी में जलस्तर रात तीन बजे 33 हजार 111 क्यूसेक रिकॉर्ड किया गया। कोसी बैराज के रिकॉर्ड के अनुसार रात 11 बजे से बारिश शुरू हुई और करीब एक घंटे बाद रात 12 बजे बैराज का जलस्तर 9 हजार 664 क्यूसेक पहुंच गया। कोसी नदी में लगातार जलस्तर बढ़ने लगा और रात तीन बजे रिकॉर्ड 33 हजार 111 क्यूसेक पहुंच गया। इसके बाद जलस्तर में गिरावट शुरू हुई और सुबह छह बजे 8077 क्यूसेक और दोपहर 12 बजे महज 1224 क्यूसेक रिकॉर्ड किया गया। रविवार शाम छह बजे जलस्तर 1156 क्यूसेक रिकॉर्ड किया गया।