लालकुआं। मकर संक्रांति पर बुधवार को गायत्री शक्तिपीठ में आस्था और अध्यात्म का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह से ही मंदिर परिसर में वैदिक अनुष्ठान, हवन, पूजा-अर्चना एवं भजन-कीर्तन होते रहे। इस दौरान 250 लोगों के जनेऊ (उपनयन), मुंडन और कर्णभेदन संस्कार मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराए गए। आचार्य राजेंद्र तिवारी एवं नारायण दत्त शर्मा सहित वरिष्ठ आचार्यों ने पूरे विधि-विधान के साथ अनुष्ठान संपन्न कराए। इस दौरान शक्तिपीठ परिसर में अनुशासन, सेवा और व्यवस्थाओं का समन्वय देखने को मिला। गायत्री शक्तिपीठ के प्रबंधक बसंत पांडे ने कहा कि मकर संक्रांति आत्मिक जागरण और सकारात्मक ऊर्जा का पर्व है।