हल्द्वानी। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के सिवाय शहर में कोई ऐसा कार्यक्रम भी नहीं था जिसके लिए पुलिस बल को व्यस्त रखा गया हो। इसके बाद भी जिनके कंधों पर शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त रखने की जिम्मेदारी थी उन्होंने मुख्य चौराहों को लावारिस छोड़ दिया। नतीजा यह हुआ कि एसटीएच से लेकर आईटीआई रोड और गांधी स्कूल के पास जाम लग गया। जाम भी ऐसा कि छह साल के बालक को लेकर दिल्ली जा रही एंबुलेंस और शहर के आठ स्कूलों की बसें भी फंस गईं। लोग वैकल्पिक मार्ग से निकलने की जुगत करते देखे गए।
सोमवार की दोपहर अचानक स्कूली बसों और कारों के आवागमन के चलते आईटीआई रोड, क्रियाशाला रोड, कैंसर अस्पताल रोड से लेकर एसटीएच तक जाम लग गया। धीरे-धीरे जाम रामपुर रोड स्थित एफटीआई तिराहे तक पहुंच गया। कुछ ही देर में तीनों मार्गों पर जाम लग गया। बाइक भी निकलने के लिए रास्ता नहीं बचा था क्योंकि दोनों लेन पर वाहन की वाहन दिखायी दे रहे थे। स्थिति अनियंत्रित देखते हुए स्थानीय दुकानदार डंडा लेकर सड़क पर उतर गए।
दुकानदारों ने लोगों को एक लेन में चलने का अनुरोध किया, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं था। तिराहे पर एक सिपाही तैनात था लेकिन वह जाम हटाने में असमर्थ था। बरेली रोड के वाहन भी रामपुर रोड से सरगम टाकीज रोड पर निकलने की कोशिश कर रहे थे लेकिन कोई रास्ता सूझ नहीं रहा था। बाद में कोतवाल संजय कुमार और सीपीयू की टीम मौके पर पहुंची। उस समय गांधी स्कूल के समीप बरेली रोड तिराहा भी जाम हो गया था। पुलिस और सीपीयू ने काफी मशक्कत के बाद बसों और एंबुलेंस को धीरे-धीरे निकाला। इसके बाद आवागमन सामान्य हो सका।
डहरिया होते हुए निकाली एंबुलेंस
प्राइवेट एंबुलेंस के मालिक राज कंबोज ने बताया कि सेंट्रल अस्पताल से छह साल के बच्चे को दिल्ली ले जाया जा रहा था। बच्चा वेंटिलेटर में था। काफी देर तक जाम में फंसने पर ड्राइवर ने उन्हें फोन किया। इसके बाद वह बाइक लेकर नीलकंठ अस्पताल के पास चौराहे पर पहुंचे लेकिन खुद भी जाम में फंस गए। जैसे-तैसे लोगों से विनीत कर एंबुलेंस को रास्ता देने को कहा गया। करीब पौने घंटे बाद डहरिया जाने वाली सड़क से एंबुलेंस को रामपुर रोड पर निकाला गया। उन्होंने कहा कि शहर के जाम से आए दिन परेशानी होती है।
ये भी हैं जाम के कारण
1. नई आईटीआई रोड पर अवैध कब्जों की भरमार
हल्द्वानी। नई आईटीआई रोड पर अवैध कब्जों की भरमार है। यहां पर लगातार कब्जेदारों की संख्या बढ़ती जा रही हैं, लेकिन पुलिस, प्रशासन बेखबर बना हुआ है। अवैध कब्जे के चलते यह मार्ग संकरा भी हो गया है। इसी कारण बार-बार आवागमन बाधित होता है। रामपुर रोड से नई आईटीआई रोड को आने वाले मार्ग के शुरुआत पर ही देखते-देखते फल से लेकर दूसरी दुकानें लग गई हैं।
2. एसटीएच के पास भी कब्जे
हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल के आसपास बड़ी संख्या कब्जेदारों ने सड़क घेर ली है। जो नहर कवरिंग की गई हैं, उसके आसपास भी कब्जेदार दुकानें चला रहे हैं। एफटीआई को जाने वाले मार्ग से लेकर सुशीला तिवारी के अस्पताल के बगल से जाने वाले मार्ग पर कब्जेदारों का बोलबाला है। अवैध फड़, ठेले के चलते भी मार्ग पर जाम की स्थिति बनी रहती है। आलम यह है कि एसटीएच के मुख्य गेट पर टैंपो चालक वाहनों को खड़ा कर सवारी को चढ़ाते और उतारते हैं। कमोबेश यही हाल बस चालकों का है।