नोटबंदी के बाद क्या असर पड़ा है, उसका जायजा लेने को केंद्र से अधिकारी (भारत सरकार ऊर्जा मंत्रालय के उप सचिव विक्रम जीत सिंह) बुधवार को हल्द्वानी पहुंचे। उप सचिव ने सर्किट हाउस में सरकारी महकमों, बैंक और व्यापारियों के साथ मीटिंग कर फीड बैक लेने के साथ सुझाव दिए हैं।
किसानों ने पुराने नोट बदलने की समय सीमा बढ़ाने एवं पुराने नोटों से खाद्य, बीज एवं रसायन खरीदने की सीमा 15 दिसंबर करने की मांग रखी। वहीं, पांच सौ के नोट को लेकर सबसे ज्यादा दबाव है, यह नोट दो से तीन दिन बाद ही बैंकों में पहुंचने के आसार हैं।
उप सचिव ने बताया कि वित्त मंत्रालय और आरबीआई ने नई करेंसी की व्यवस्था कर दी है। जो सभी बैंकों के चेस्ट में दो दिन के भीतर पहुंच जाएगी। एटीएम में दो हजार के नोट के कैसेट बदलने का काम भी एक-दो दिन में पूरा हो जाएगा।
उन्होंने डीएम दीपक रावत और लीड बैंक प्रबंधक वीके जायसवाल से कहा कि जिले की नई करेंसी की डिमांड तत्काल ऑनलाइन भेजें। मांग के अनुरूप करेंसी तत्काल भेजी जा सके। कहा कि आरबीआई की ओर से जारी 10 के सिक्के पूर्णतया प्रचलन में है। इन सिक्कों को स्वीकार न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
डीएम रावत ने बताया कि जिले में विभिन्न बैंकों की 04 कैश चेस्ट हैं। बीओबी की 200 करोड़ की मांग के सापेक्ष केवल 163 करोड़ ही मिले हैं। जनपद के ग्रामीण बैंकों में नई करेंसी की काफी कमी है।
इससे दूरस्थ क्षेत्रों के ग्रामीण काफी प्रभावित हैं। उन्होंने नई करेंसी के यथासंभव शीघ्रता से उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। किसानों ने अपना सुझाव रखते हुए कहा कि पुरानी करेंसी को बदलने की समय सीमा बढ़ाई जाए।
पुरानी करेंसी से खाद्य, बीज एवं रसायन खरीदने की तारीख 15 दिसंबर तक बढा दी जाएं। मंडी व्यापारी एसोसिएशन के जीवन कार्की ने कहा कि बाजार में छोटी करेंसी की काफी दिक्कत है। ऐसे में 500 का नया नोट बहुतायत में बाजार में आना जरूरी है।
उन्होंने बैंक सेसीसी लिमिट बढ़ाने का भी अनुरोध किया। फड़ व्यवसायियों ने सुझाव रखा कि बाजार में 100, 50, 20, 10 के नोट भी बहुतायत में भेजे जाएं। बडे़ नोट बाजार में आने से दुकानदार एवं ग्राहकों को परेशानी हो रही है।
बैठक में सीडीओ प्रकाश चंद्र, उप श्रमायुक्त अनिल पेटवाल, जिला पूर्ति अधिकारी तेजबल सिंह, एआरटीओ संदीप वर्मा, सिटी मजिस्ट्रेट केके मिश्रा आदि थे।
चेस्ट बैंक सभी बैंकों को दे करेंसी
डीएम दीपक रावत ने सहकारी बैंकों को करेंसी न मिलने के मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने चेस्ट बैंकों से कहा कि सभी बैंकों को पर्याप्त करेंसी दी जाए। एटीएम में लोड करने के लिए भी करेंसी उपलब्ध कराएं।
कहा कि सभी बैंकों में करेंसी होने से किसी भी एक बैंक पर अधिक लोड नहीं पड़ेगा। सभी बैंकों के एटीएम में कैश होने से एटीएम चलते रहेंगे। कुछ बैंकों के एटीएम पर भीड़ अधिक नहीं लगेगी।