धनपुर गांव में योगेश कबडवाल के खेत के किनारे बुधवार को कुछ महिलाएं घास काट रही थीं, तभी उनकी नजर एक लंबे से अजगर पर पड़ी। शोर करने पर अजगर पास गहरे गड्ढे में घुस गया। इससे इलाके में दहशत फैल गई।
बाद में एकत्रित हुए ग्रामीणों ने अजगर को भगाने को धुआं किया। इस पर अजगर थोड़ा सा बाहर आया, जिससे गड्ढे में कई अंडे दिखे। इसमें एक अंडा लुढ़कता हुआ बाहर भी आ गया। बाद में पहुंचे वन कर्मी बिना कुछ किए वापस लौट आए। इस बाबत प्रभारी डीएफओ तराई केंद्रीय वन प्रभाग डा. पराग मधुकर धकाते, कहते हैं कि अजगर अंडे देता है, तो उसे छेड़ा नहीं जाता है।
उसकी सुरक्षा और लोगों को वह कोई नुकसान नहीं पहुंचाए, इसके लिए अजगर के पहरे के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। जब तक अंडो से सपोले नहीं निकल जाते, हटाना गलत है। यह शेड्यूल-1 का वन्यजीव भी है।