लाली ओ होंसिया लाली, पधानी लाली...
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तराई भाबर महोत्सव के तीसरे दिन देवभूमि के प्रसिद्ध लोक गायक बिन्नी मेहरा, पप्पू कार्की, गिरीश जोशी व दीपा नगरकोटी एंड पार्टी ने स्टेज पर जमकर धमाल मचाया। लोक कलाकारों की प्रस्तुति से दर्शक थिरकने पर मजबूर हो गए।
कार्यक्रम के समापन समारोह का शुभारंभ पूर्व दर्जा राज्यमंत्री हेमंत द्विवेदी व यूसीडीएफ के पूर्व चेयरमैन डॉ. मोहन सिंह बिष्ट नेे संयुक्त रूप से किया।
जीआईसी मोतीनगर में आयोजित तराई भाबर महोत्सव के तीसरे व अंतिम दिन स्कूली बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। कार्यक्रम की श्रखंला में रिमझिम कूर्मांचल सांस्कृतिक दल ल्वाड़ हरीशताल के कलाकारों ने शानदार छोलिया नृत्य का प्रदर्शन कर क्षेत्रवासियों को पर्वतीय संस्कृति का बोध कराया।
मोहन पांडे के निर्देशन में आंचल कला केंद्र हल्द्वानी के कलाकारों में हास्य कलाकार शंभूदत्त साहिल ने दर्शकों की तालियां बटोरीं। चमोली से आई रूपकुंड लोक कला मंच देवाल ने गढ़वाली लोकगीत की प्रस्तुुत से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
राजस्थान की टीम ने कालबेरिया नृत्य से सबका मन मोह लिया। महोत्सव में देर सायं लोक गायक पप्पू कार्की ने ‘डीडीहाटै की कमला छोरी, दिल लीगे तू चोरी-चोरी, लाली ओ लाली होंसिया लाली आदि कुमाऊंनी गीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
दीपा नगरकोटी द्वारा प्रस्तुत किए गए गीत घास काटलो इजू ऊंचा डाना मा, मेर देवरा मोहना तेरी केमुवे गाड़ी की धुन पर लोग खूब थिरके। गिरीश जोशी ने गोरखे चेली भागुली, छिलबिलाट त्यर भागुली गीत प्रस्तुत किया। इसके अलावा बिन्नी महरा ने न्योली गीत की शानदार प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम के अंत में पुरस्कार वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।