भीमताल (नैनीताल)। प्रदेश भर के मौन पालकों के लिए अच्छी खबर है। शासन ने मौन बक्से खरीदने के लिए प्रोत्साहन राशि बढ़ाकर 750 रुपये कर दी है। इससे सेब बागानों में उत्पादन बढ़ाने के लिए मौन बक्सों से माध्यम से पर-परागण कराने में भी मदद मिलेगी जिससे कि सेब की अच्छी पैदावार होगी।
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सेब के फूल खिलने तक रखे जाते हैं मौनबक्से सेब के बागानों में सेब का उत्पादन बढ़ाने के लिए मधमुक्खियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मधुमक्खियों के बक्सों को सेब के बागानों में तब रखा जाता है जब सेब का फूल खिलने लगता है। मधुमक्खियां फूलों से पराग इकट्ठा कर प्राकृतिक पर-परागण में मदद करती है, जिससे फलों की पैदावार में वृद्धि होती है।
25 से 30 प्रतिशत तक बढ़ती है उत्पादकता
सशक्त मौशवंशो (मधुमक्खियों) के बक्सों को सेब के बगीचों में रखने से सेब की फल उत्पादकता 25 से 30 प्रतिशत तक बढ़ती है। सेब के आकार में एकरूपता आती है और साइज भी अच्छा रहता है। इसके चलते किसान को बाजार में उचित दाम मिलते हैं। जिले में करीब 25 से 30 हेक्टेयर सेब के बागानों में मधुमक्खी के बक्से रखे जा रहे हैं। धानाचूली, पहाड़पानी, रामगढ़, मुक्तेश्वर, सतबूंगा, हरतोला, नथुवाखान, प्यूड़ा आदि क्षेत्र में मौन बक्से रखे जा रहे हैं।
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कोट
मौन पालकों को पर-परागण के लिए अब 750 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह राशि सेब के बागानों में मौन बक्सों को रखकर पर-परागण तैयार कर सेब का उत्पादन बढ़ाने के लिए दी जाएगी। इससे मौन पालकों और सेब उत्पादक किसानों को लाभ होगा। - भावना जोशी पंत, वरिष्ठ कीटविद/उपनिदेशक, राजकीय मौन पालन केंद्र, ज्योलीकोट