नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय डीएसबी परिसर स्थित हिमालय संग्रहालय की प्रभारी प्रो. सावित्री कैडा जंतवाल ने बताया संग्रहालय को यरवदा चरखा भेंट किया गया है। यह अमूल्य धरोहर महिला आश्रम ताकुला की सरिता जोशी औरउनके पति कैप्टन प्रद्योत जोशी ने दी है।
प्रो. सावित्री कैड़ा जंतवाल ने बताया कि महात्मा गांधी ने इस चरखे को बनाने के लिए डिजाइन तैयार किया। उस दौरान इस बात का विशेष ध्यान दिया गया कि आकार छोटा भी हो और उसे आसानी से झोले में ले जाकर धागा बना सकें। इस चरखे का नाम पुणे महाराष्ट्र के जेल यरवदा के नाम पर रखा गया और गांधी ने यरवदा चरखे में धागा बनाकर राष्ट्रीय आंदोलन में प्रतिरोध के नए आयामों को जन्म दिया। प्रो. सावित्री ने बताया यह चरखा गांधीवादी योद्धा मदालसा बजाज नारायण ने 31 जनवरी वर्ष 1958 को नैनीताल के पास गांधी ग्राम ताकुला में महिला आश्रम की संचालिका कुसुम उपाध्याय जोशी की शादी में उपहार स्वरूप भेंट किया। चरखा मिलने पर प्रो. संजय घिल्डियाल, प्रो. संजय टम्टा, डॉ. शिवानी रावत, डॉ. मनोज बाफिल, डॉ. भुवन चंद्र शर्मा, डॉ. पूरन सिंह अधिकारी, डॉ. वीरेंद्र पाल, डॉ. हरदयाल सिंह जलाल, डॉ. शिवराज कपकोटी, भुवन पाठक आदि ने खुशी जताई है।