फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Nainital News: अब ज्योलीकोट में वन्यजीव ने ली महिला की जान

Thu, 23 Apr 2026 12:36 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
विज्ञापन
विज्ञापन
ज्योलीकोट-नैनीताल। नैनीताल डिवीजन में वन्यजीवों के हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। बीते चार माह में प्रभाग में वन्यजीवों के हमले से पांच महिलाओं की मौत के बाद बुधवार को एक और घटना घटित हुई। शहर के समीप ज्योली क्षेत्र में वन्य जीव ने एक महिला को निवाला बना दिया। इससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई है और ग्रामीणों में भय का माहौल है। आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम का घेराव किया और शव को लेकर सड़क पर बैठ गए। ग्रामीणों ने आदमखोर बन चुके वन्यजीव को गोली मारने की मांग की है।
विज्ञापन

ग्राम प्रधान शेखर चन्द्र भट्ट के अनुसार बुधवार को 50 वर्षीय हेमा पांडे रोज की तरह अन्य दो महिलाओं के साथ जंगल घास लेने गई थीं। दोनों महिलाओं की घास जल्दी कट जाने पर हेमा ने उनको जाने के लिए बोला। दोनों महिलाएं वापस घर आ गईं लेकिन देर तक हेमा के घर न आने पर महिला की खोजबीन शुरू हुई।
खोजबीन में जंगल में महिला की साड़ी मिली तो ग्रामीणों डर गए और आगे खोजबीन की। लगभग एक किलोमीटर आगे महिला का आधा खाया हुआ शव मिला। इससे वन्यजीव के हमले की पुष्टि हुई। ग्रामीणों ने वन विभाग को घटना की सूचना दी। सूचना के बाद मौके पर वन विभाग की टीम पहुंची तो गुस्साए ग्रामीणों ने उन्हें शव नहीं हटाने दिया।
विज्ञापन

गुस्साए ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम को घेर लिए। बाद में शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने महिला को मारने वाले जंगली जानवर को गोली मारने पर ही मौके से हटने की बात कही।
इस दर्दनाक घटना के बाद ज्योलीकोट और आसपास के गांवों में सन्नाटा पसरा है। जंगल अब लोगों के लिए जीवनयापन का साधन नहीं बल्कि मौत का खतरा बनते जा रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। क्षेत्र के चोपड़ा व अन्य क्षेत्रों में पहले भी इस तरह के कई हमले हो चुके हैं जिससे ग्रामीणों में लंबे समय से भय बना हुआ है।
डीएफओ आकाश गंगवार ने बताया कि मामले में हमला करने वाला जानवर बाघ है या तेंदुआ इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। बताया कि जंगल में तेंदुए के पैरों के निशान हैं लेकिन बाघ के खोज नहीं मिल पाए हैं। इससे अभी हमलावर जानवर का पता लगा पाना मुश्किल है। क्षेत्र में लगातार गश्त कर नजर रखी जा रही है।


घटना के बाद ब्लॉक प्रमुख डॉक्टर हरीश बिष्ट, क्षेत्र पंचायत सदस्य हिमांशु पांडे, ग्राम प्रधान शेखर चन्द्र भट्ट, हंशी तिवारी, पूर्व ग्राम प्रधान सूर्याजाला राजेन्द्र सजवान, कैलाश जीना व सामाजिक कार्यकर्ता कमल जंतवाल व अन्य ग्रामीण मौके पर मौजूद थे।



ग्रामीणों ने कहा कि अपने घर की रीढ़ थी हेमा

नैनीताल। ग्रामीणों ने बताया कि हेमा पांडे अपने परिवार की रीढ़ थी। हेमा पशुपालन व खेती कर अपना घर चलाती थी। हेमा का पति भुजियाघाट क्षेत्र में दुकान में काम करता है। दोनों मिलकर अपने दोनों बच्चों बड़ी बेटी को एमएससी व छोटे बेटे को कालाढूंगी से आईटीआई करा रहे थे। ग्रामीणों ने बताया कि जानवर ज्यादा होने के चलते महिला ने सुबह ही अपनी एक गाय बेची थी। हेमा की मौत के बाद पति गुम व बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल है।


सिलिंडर न मिलने पर, जंगल की दौड़ ने ली महिला की जान

ग्रामीण हंशी जोशी ने बताया कि आसपास के क्षेत्रों में पहले से कई घटनाएं हो चुकी हैं। अब इस घटना ने ग्रामीणों को अंदर झकझोर दिया है। कहा कि गैस सिलिंडर मार्च 31 को मिले थे जो खत्म होने की कगार में हैं। न चाहते हुए भी घास ईंधन के लिए उन्हें जंगल जाना पड़ता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि वन्यजीव मानव संघर्ष को रोकने के लिए ग्रामीणों को सुविधाएं मुहैया कराई जाए।



कोटाबाग में वन्यजीव ने बछड़े को मारा, ग्रामीणों में दहशत

कोटाबाग। ग्राम सभा पतलिया में बुधवार देर रात एक जंगली जानवर ने घर के आंगन में घुसकर गाय के बछड़े को मार डाला। जानवर रस्सी काटकर बछड़े को थोड़ी दूर झाड़ियों में घसीट कर ले गया। बछड़े पर मिले पंजों के निशान से बाघ की ओर से हमला किए जाने का अनुमान है हालांकि जानवर बाघ या तेंदुआ, इसे लेकर असमंजस बना हुआ है। घटना की सूचना पर वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों का कहना है कि वन्यजीव लगातार घरों के आसपास घुसकर हमला कर रहे हैं जिससे पूरे गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से इस गंभीर स्थिति का तत्काल संज्ञान लेने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें