कभी गाड़ी की बैटरी तो कभी बाथरूम की टोंटी चोरी होने से बदनाम नगर निगम कार्यालय में अब चोरों की निगरानी के लिए क्लोज सर्किट कैमरे लगाए जाएंगे। निगम के स्वास्थ्य विभाग के कक्ष से 60 किलो पालीथिन चोरी होने के बाद निगम प्रशासन ने एहतियातन यह कदम उठाया है। सीसी कैमरे लगाने के लिए टेंडर की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है।
नगर निगम के तीन मंजिला भवन के सभी शौचालयों से टोंटी, पाइप और छतों के पंखों के अलावा कई वाहनों की बैटरियां चोरी हो चुकी हैं। इन घटनाओं को निगम प्रशासन ने कभी गंभीरता से नहीं लिया। पिछले पखवाड़े निगम कार्यालय के स्वास्थ्य विभाग से 60 किलो पालीथिन चोरी होने के बाद खलबली मच गई। यह पालीथिन प्रतिबंधित थी और हाईकोर्ट के आदेश पर बाजार से बरामद की गई थी। निगम प्रशासन को बतौर सबूत पालीथिन को कोर्ट में प्रस्तुत करना था, ताकि जिन व्यापारियों से पालीथिन बरामद हुई थी उनसे जुर्माने की वसूली हो सके।
पालीथिन चोरी प्रकरण के बाद निगम प्रशासन ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। इसके लिए एक जांच टीम भी गठित कर दी। पुलिस अब तक किसी नतीजे तक नहीं पहुंची है, लेकिन मेयर डा. जोगेंद्र सिंह रौतेला ने निगम कर्मियों पर अंगुली उठाई है। चोरों को रंगे हाथों पकड़ने के मकसद से ही निगम कार्यालय में आठ सीसी कैमरे लगाए जा रहे हैं। कैमरे लगाने के टेंडर खुल गए हैं। इस माह के आखिर तक कार्यालय के अलावा निगम भवन के चारों तरफ कैमरे लगा दिए जाएंगे।
निगम कार्यालय से चोरी होना गंभीर मामला है। कार्यालय से कभी भी गोपनीय दस्तावेज चोरी हो सकते हैं। एहतियातन कार्यालय में कैमरे लगाए जा रहे हैं। - जागेंद्र सिंह रौतेला, मेयर