हल्द्वानी। प्रदेश के डिग्री कॉलेजों में कार्यरत शिक्षकों को अब प्रतिदिन कम से कम साढ़े 6 घंटे तथा सप्ताह में 40 घंटे की अनिवार्य ड्यूटी करनी होगी। अभी तक डिग्री कालेजों में तैनात शिक्षकों को रोजाना 5 घंटे की अनिवार्य ड्यूटी करनी होती थी जिसमें अब एक घंटे की वृद्धि कर दी गई है।
शासन के प्रमुख सचिव (उच्चशिक्षा) आनंद वर्द्धन की ओर से आदेश जारी किए जाने के बाद अब उच्चशिक्षा निदेशक डॉ. एससी पंत ने प्रदेश के सभी डिग्री कॉलेजों के प्राचार्यों को पत्र भेज कर यूजीसी के निर्देशों के तहत कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। निदेशक ने पत्र में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के विनियम, 2018 विषयक अधिसूचना 18 जुलाई के अनुसार संशोधन अधिनियम को उत्तराखंड राजय में लागू / अंगीकार किए जाने की स्वीकृति प्रदान करने की जानकारी देते हुए कहा है कि अब डिग्री कॉलेजों के प्राध्यापकों को रोजाना कम से कम पांच घंटे और सप्ताह में 40 घंटे ड्यूटी करनी होगी।
इस तरह अब प्राध्यापकों को सप्ताह में 40 घंटे की अनिवार्य के चलते साढ़े 6 घंटे ड्यूटी अनिवार्य रूप से करनी होगी। महाविद्यालयों में इस व्यवस्था लागू करने के लिए प्रमुख सचिव ने उच्चशिक्षा ने कदशा निर्देश जारी किए थे। उच्चशिक्षा निदेशक की ओर से यह पत्र पहली नवंबर को जारी किया गया मगर दो एवं तीन नवंबर को छुट्टी पड़ने के कारण यह व्यवस्था अभी शुरू नहीं हो सकी है।