हल्द्वानी। मेडिकल कॉलेज के अधीन टीबी श्वास रोग विभाग में रोगियों के लिए बीपीएएलएम इलाज पद्धति शुरू हो गई है। 18 महीने के सामान्य इलाज की तुलना में यह पद्धति अधिक प्रभावी और मरीजों के लिए सुविधाजनक है।टीबी और रेस्पिरेटरी मेडिसन विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ. आरजी नौटियाल की मौजूदगी में पिथौरागढ़ निवासी 72 वर्षीय व्यक्ति की बीपीएएलएम उपचार पद्धति शुरू की गई। मरीज को उपचार किट भी दी गई। नोडल अधिकारी एनटीईपी डाॅ. रवि कुमार शर्मा ने बताया कि फिलहाल इस उपचार पद्धति से 14 वर्ष से अधिक उम्र के टीबी मरीजों का इलाज किया जा रहा है। वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी टीबी क्लीनिक हल्द्वानी डाॅ. दिनेश चंद्र पनेरू ने बताया कि उपचार पद्धति उन मरीजों के लिए उम्मीद की किरण है, जिन्हें पारंपरिक उपचार पद्धति से राहत नहीं मिली। इस मौके पर राजकीय मेडिकल काॅलेज से डाॅ. गरिमा, डब्लूएचओ सलाहकार (कुमाऊं मंडल) डाॅ. यतिन मल्होत्रा, जिला पीएमडीटी कोऑर्डिनेटर (क्षय उन्मूलन), संतोष पांडेय, अमित जोशी, त्रिभुवन तिवारी आदि उपस्थित रहे।