मई की भीषण गर्मी शुरू होते ही थोक मंडी में पहाड़ से आड़ू, पुलम और खुमानी पहुंचने शुरू हो गए हैं। इस बार फसल अच्छी होने से काश्तकार उत्साहित हैं।
पर्वतीय क्षेत्र रामगढ़, नथुवाखान, रातीघाट, गरमपानी आदि इलाकों में आड़ू, पुलम और खुमानी की अच्छी पैदावार होती है।
इन क्षेत्रों के मौसमी फलों का स्वाद ही कुछ अलग होता है इसलिए इन फलों की बाजार में डिमांड अच्छी खासी रहती है। बताते हैं कि पहाड़ का आड़ू मैदानी आड़ू की अपेक्षा काफी बड़ा और रसीला होता है इसलिए इसे अधिक पसंद किया जाता है। बुधवार को थोक मंडी में इन फलों की अच्छी खासी आवक हुई।
मंडी सचिव विनोद कुमार लोहुमी ने बताया कि मंडी में 1300 क्विंटल आड़ू, 50 क्विंटल खुमानी और 26 क्विंटल पुलम की आवक दर्ज की गई है। आड़ू का थोक भाव न्यूनतम 1000 से अधिकतम 1750 रुपये प्रति क्विंटल, खुमानी 1500 से 1750 रुपये क्विंटल और पुलम 2000 से 2500 रुपये क्विंटल के भाव बिका।
उन्होंने बताया कि लीची की आवक भी 20 मई से होने की उम्मीद है। सचिव लोहुमी कहते हैं कि पहाड़ के जो फल जून माह में आना शुरू होते थे, वे इस बार मई में ही आने लगे हैं। इसकी वजह भीषण गर्मी पड़ना है। मंडी के थोक व्यवसायी देवानंद सिंधी बताते हैं कि इस बार ओले और बारिश की मार न पड़ने की वजह से पहाड़ के मौसमी फलों की क्वालिटी भी अच्छी है। पहाड़ के मौसमी फल यूपी के अलावा दिल्ली मंडी जा रहे हैं।